स्कूल को भूमि दान:भामाशाह बालाराम ने सिंघनिया स्कूल को दान की 10 बिस्वा भूमि

करौली11 दिन पहले
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कहते हैं कि शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं होता कहावत को चरितार्थ किया है सिंघनिया निवासी बालाराम मीना ने,। ग्रामीणों ने बताया कि 75 वर्षीय बुजुर्ग बालाराम मीना ने अपने स्वामित्व की 10 बिस्वा भूमि को विद्यालय के लिए दान दे दिया। जिसमें शिक्षा विभाग द्वारा भवन बना कर कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों को बैठने के लिए सुगम व्यवस्था बनाई है।ग्रामीणों ने बताया कि गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आबादी क्षेत्र के बीचो-बीच स्थित होने के कारण जगह का अभाव था ऐसी स्थिति में भामाशाह बालाराम मीना ने अपने स्वामित्व की स्कूल के पास ही मौजूद 10 बिस्वा भूमि को विद्यालय के लिए दान दे दिया जिसमें शिक्षा विभाग ने भवन बनाकर बालकों को बैठने की व्यवस्था भी कर दी।

फ़िलहाल कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थी इन भवनों में पढ़ाई कर रहे हैं। जानकारी पर बुजुर्ग बालाराम मीना ने बताया कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उनकी भूमि बच्चों को विद्या अध्ययन के काम आ रही हैहर राष्ट्रीय पर्व पर स्कूल परिवार करता है सम्मानग्राम पंचायत सरपंच पूजा देवी ने बताया कि भामाशाह बालाराम ने स्कूल को जो भूमि दान कर मिसाल कायम की है वह काबिले तारीफ है।

बालाराम ने 5 वर्ष पूर्व विद्यालय को भूमि दान की थी तभी से प्रत्येक राष्ट्रीय पर्व पर विद्यालय परिवार द्वारा उन्हें भामाशाह के रूप में सम्मानित किया जाता है। तथा क्षेत्र में भामाशाह बालाराम का नाम मिसाल के तौर पर लिया जाता है। इस संबंध में प्रधानाचार्य श्याम बिहारी मीना ने बताया कि भामाशाह बालाराम द्वारा विद्यालय को भूमि दान करने की पहल बेहद सराहनीय है तथा उन्हें उम्मीद है कि विद्यालय विकास में अन्य भामाशाह भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

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