अभियान:सीएमएचओ ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी, निमोनिया से बचाव के लिए जागरूक होगा जनसमुदाय

करौली21 दिन पहले
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करौली| जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्य चिकित्सा एवं  स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश चंद मीणा एवं डॉ सतीश मीना। - Dainik Bhaskar
करौली| जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश चंद मीणा एवं डॉ सतीश मीना।
  • जागरूकता रथ से जिलेभर के लोगों को दी जाएगी निमोनिया से बचाव की जानकारी

सांस अभियान के तहत निमोनिया से बचाव की जागरूकता के लिए स्वास्थ्य भवन से जागरूकता रथ को सीएमएचओ डाॅ. दिनेश चंद मीना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश मीना ने बताया कि जागरूकता रथ जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचकर जनसमुदाय को निमोनिया के लक्षण और बचाव गतिविधियाें के लिए जागरूकत करेगा। 5 बर्ष के बच्चों की मृत्यु का एक बडा कारण निमोनिया है, निमोनिया के पहचान लक्षणों की जानकारी के अभाव में बच्चांे में जनसमुदाय स्तर पर निमोनिया की पुष्टि नहीं हो पाती है।

सांस अभियान ‘निमोनियां नही, तो बचपन सही’ और ‘फिर से मुस्करायेगा बचपन, जब आप तुरंत पहचानोगे निमोनिया के लक्षण’ थीम आधारित संचालित है, जिसमें जनसमुदाय को निमोनिया के लक्षण पहचानने और गंभीर लक्षणों के होने पर चिकित्सकीय परामर्श के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के दूरस्थ स्थानों पर संदेश पहुंचाने का एक सरल माध्यम है जिससे जनसमुदाय दृष्य-श्रव्य संदेषो से जागरूक होगा। इस दौरान डिप्टी सीएमचओ डाॅ. सतीश चंद मीना, जनसंपर्क अधिकारी धमेन्द्र मीना, डीपीएम आशुतोष पांडेय, आईईसी समन्वयक लखनसिंह लोधा सहित कार्यालय कर्मी मौजूद रहे।
निमोनिया के लक्षण
डाॅ. मीना ने बताया कि बच्चों में जुकाम व बुखार के साथ-साथ खांसी, नाखून व होठ नीले पडना, सांस तेज चलना एवं सांस लेने में कठिनाई होना तथा सांस लेते समय पसलियां अंदर की ओर धसना निमोनिया के लक्षण है। ऐसे लक्षण पाये जाने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा संस्थान पर संपर्क करें।

बचाव के उपाय
डाॅ. मीना ने बताया कि निमोनिया फेफडों में रोगाणुओं के संक्रमण से होता है, जिसका सर्दी के मौसम में 5 वर्ष के बच्चों में अधिक खतरा रहता है। निमोनिया से बचाव के लिए जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराये, 6 माह तक मां का दूध पिलाये, बच्चे का संपूर्ण टीकाकरण समय पर कराएं, पानी के बर्तनों को ढककर रखे व खाने के पहले व शौच के बाद साबुन से हाथ धोये तथा सर्दी के दिनों में बच्चों को गर्म कपडें पहनाकर रखे।

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