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अपात्र की खैर नहीं:नौकरी लगने के बाद भी बेरोजगारी भत्ता लेने वालों की खैर नहीं, विभाग करेगा अब कानूनी कार्रवाई

करौली8 दिन पहले
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  • मुख्यमंत्री युवा संबल योजना पर जिला रोजगार कार्यालय की पैनी नजर से नहीं बच पाएंगे अपात्र आशार्थी

मुख्यमंत्री युवा संबल योजनांतर्गत बेरोजगारों को मिलने वाले मासिक भत्ते पर विभाग ने अब पैनी नजर रखना शुरू कर दिया है। वहीं नौकरी लगने के बावजूद भी बेरोजगारी भत्ता राशि लेने वालों की तो अब खैर नहीं रहेगी, बल्कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी होगी। इसको लेकर जिला रोजगार अधिकारी जगदीश निर्वाण ने बेरोजगार आशार्थियों को सलाह जारी करते हुए नौकरी लगने या स्वरोजगार शुरू करने की स्थिति में अविलंब भत्ता बंद कराने को कहा है।

दरअसल, बेरोजगारी भत्ता प्राप्त कर रहे आशार्थियों को रोजगार विभाग ने साफ शब्दों में हिदायत दी है कि यदि उनकी नौकरी किसी सरकारी विभाग या निजी कंपनी में लग जाती है तो ज्वॉइन करते ही रोजगार कार्यालय को अपना बेरोजगारी भत्ता बंद कराने की लिखित में सूचना अवश्य दें। यदि, कोई युवक नौकरी के बाद भी अपने भत्ते को बंद नहीं कराता है तो नौकरी ज्वॉइन करने की तारीख के बाद प्राप्त भत्ते की राशि अविलंब रोजगार कार्यालय में जमा करानी होगी। अन्यथा, ऐसे आशार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।

जिला रोजगार अधिकारी जगदीश निर्वाण के अनुसार योजनांतर्गत ऐसे आशार्थी जिनके परिवार की वार्षिक आय में 2 लाख से अधिक वृद्धि होने पर, किसी प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन लेने या फिर स्वरोजगार शुरू करने की स्थिति में भी बेरोजगारी भत्ता लेने की पात्रता नहीं रह जाती है। ऐसे आशार्थियों को अविलंब रोजगार कार्यालय को सूचित कर भत्ता बंद कराना चाहिए। फिर भी भत्ता बंद नहीं कराया तो भुगतान किए भत्ते की कानूनी कार्यवाही के साथ एकमुश्त वसूली भी की जाएगी।गौरतलब है कि राज्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने चुनावी वादा पूरा करते हुए बेरोजगार युवाओं को रोजगार भत्ता देने के लिए पूर्व की बेरोजगारी भत्ता योजना 2012 को समायोजित कर मुख्यमंत्री युवा संबल योजना लागू की है। जिसमें बेरोजगारी की मार झेलने वाले प्रदेश के 30 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियों को प्रतिमाह 3000 से 3500 रुपये प्रतिमाह भत्ता राशि के संबल मिलने से यह योजना कारगर साबित भी हो रही है।

युवक-युवतियों को दो साल तक मिलता है बेरोजगारी भत्तामुख्यमंत्री युवा संबल योजनांतर्गत स्नातक व स्नातकोत्तर पंजीकृत बेरोजगार आशार्थी जिनमें सामान्य व ओबीसी की 30 वर्ष तथा एससी,एसटी व निशक्तजन सामान्य वाले की 35 वर्ष अधिकतम आयु हो। पुरुष को प्रतिमाह 3000 और महिला आशार्थी को 3500 रुपए तक का रोजगार भत्ता मिलता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री युवा संबल योजना 2 वर्ष के लिए होती है और बेरोजगार युवाओं को अधिकतम दो साल तक ही यह भत्ता मिलता है।

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