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खाद्य पदार्थों में मिलावट पर आजीवन कारावास:दूध, मावा, तेल, पनीर जैसे खाद्य पदार्थ जांच में ‘अनसेफ’ मिले तो मिलावटखोर को होगा आजीवन कारावास

करौली13 दिन पहले
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  • मिलावट रोकने तथा मिलावटखोर को सजा दिलाने का मसौदा तैयार, विधानसभा में होगी चर्चा

सुरेन्द्र स्वामी | मुख्यमंत्री का खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने का सपना अब जल्द साकार होगा। दूध, मावा, पनीर, तेल जैसे खाद्य पदार्थों में बैखोफ होकर मिलावट करने वालों को अब जिन्दगी भर हवालात में रहना पड़ेगा। फूड लैब की जांच में अनसेफ (मानव के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक) पाए जाने पर 3 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा व 50 हजार रुपए जुर्माना भी लगेगा। और अगर जांच में मिलावट मिसब्रांड और सबस्टेंडर्ड तरह की पायी जाने पर एक से सात साल की सजा व 10 हजार रुपए जुर्माना लगेगा।

सरकार की ओर से मसौदा तैयार कर लिया गया है। अब चर्चा होगी। कानून बनने के बाद न केवल मिलावट पर रोक लगेगी बल्कि मिलावटखोर सजा के डर आमजन की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकेगा। मौजूदा स्थिति में नाममात्र का जुर्माना देकर छूट जाता है। गृह विभाग की और से कानून में संशोधन प्रस्तावित है, जिसका नाम ‘दी क्रिमिनल ला (राजस्थान अमेन्मेंट) बिल-2021 है।

2 साल पहले घोषणा | : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरयूएचएस के एक समारोह में 7 मार्च 2019 को खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए कानून बनाने की घोषणा की थी। यानि मिलावट को गैर जमानती अपराध घोषित करना।

पहले | किसी भी खाद्य पदार्थ की जांच में सबस्टेंडर्ड, मिसब्रांड पाए जाने पर 6 माह तक की सजा व एक हजार रुपए जुर्माना या दोनों। अनसेफ में 6 माह तक से लेकर आजीवन कारावास की सजा व जुर्माना या दोनों।

अब | नए संशोधित कानून में आईपीसी की धारा-272 व 273 में संशोधन कर उम्रकैद की सजा, गैर जमानती वारंट, शिकायत पर पुलिस की ओर से कार्यवाही करना और अनसेफ पाए जाने पर तुरन्त गिरफ्तारी हो सकेगी।

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