नुकसान:सपोटरा में ओवरफ्लो होने से खानपुर माइनर नहर की पाल टूटी, फसल को हुआ नुकसान

करौली10 महीने पहले
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सपोटरा उपखंड के प्रसिद्ध कालीसिल बांध से नहरों में पानी छोड़ने से नहरों में हुए ओवरफ्लो से शनिवार की रात्रि को खानपुर माइनर नहर की पाल टूट जाने से एक काश्तकार के खेत की फसल बह जाने से नुकसान हो गया है। काश्तकारों ने बताया कि बूकना से मुख्य नहर से निकलने वाली खानपुर माइनर की नहर बूकना की थड़ की पुलिया के पास ओवरफ्लो होने से नहर की पाल टूट गई। जिसके कारण एक काश्तकार की गेंहू की आधा बीघा फसल बह जाने से नुकसान हो गया। जिसकी सूचना मिलने पर जलसंसाधन विभाग के इंजीनियर व कार्मिक मौके पर पहुंचे तथा रात्रि को ही मिट्‌टी के कट्‌टे लगाकर पानी के बहाव को रोक दिया गया। दूसरी ओर नहर में आड़ लगाकर पानी की गति को भी रोक दिया गया। इधर,रविवार को विभाग ने जेसीबी चलाकर नहर की पाल को दुरुस्त कर दिया। ग्रामीण लक्ष्मीचंद, रमेश, पृथ्वी, रामधन मीणा आदि ने बताया कि जलसंसाधन विभाग के इंजीनियरों की उदासीनता से ठेकेदार से खानपुर माइनर की नहर को पांच फिट के विपरीत तीन फिट चौड़ाई व तीन फिट ऊंचाई रखने के साथ नहर की पाल नही बनाने और थड़ की झोंपड़ी की पुलिया का निर्माण नही करने के कारण शनिवार को बांध से 15 चूड़ी खोल देने के कारण नहर ओवरफ्लो हो गई। जिसके कारण काश्तकारों द्वारा निर्मित पाल टूट जाने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। काश्तकारों ने आरोप लगाया कि इंजीनियरों कीउदासीनता से थड़ की झोंपड़ी की पुलिया से एक किमी तक दो-दो फिट चौड़ाई व ऊंचाई रखने और नहर का ढ़लान सही नही होने के कारण ओवरफ्लो का खतरा बढ़ गया है। वहीं ठेकेदार द्वारा नहर से खेतों में सिंचाई के लिए पाईप नही लगाने के कारण काश्तकारों को स्वयं ही पाईप लगाने पड़ रहे है। जिससे नहर के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ गई है जलसंसाधन विभाग की उदासीनता से कालीसिल बांध की मुख्य नहर व माइनर नहरों की साफ-सफाई नही कराने तथा मुख्य नहर में काश्तकारों द्वारा आड़ लगा देने के साथ घटिया निर्माण होने के कारण नहरों के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ गई है। विभाग के अधिशाषी अभियंता विजय कुमार शर्मा द्वारा 4 नवंबर को आयोजित जल वितरण समिति की बैठक में 18 नवंबर को कालीसिल बांध से पानी छोड़ने से पूर्व नहरों की साफ-सफाई का आश्वासन दिया था। तत्पश्चात 15 नवंबर को क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के कारण 11 दिसंबर को नहरों में पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया। लेकिन विभाग की उदासीनता से मुख्य नहर की साफ-सफाई नही करने के कारण जगह-जगह कचरे के ढ़ेर लगने व पत्थर जमा होने और काश्तकारों द्वारा मुख्य नहर में आड़ लगा देने के कारण जहां नहरों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं तीन दिन व्यतीत होने के बाबजूद मुख्य नहर के काश्तकारों को सिंचाई का पानी उपलब्ध नही हो पाया है। विभाग ने वर्तमान में 10 चूड़ी पानी नहर में छोड़ रखा है इधर, जलसंसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता घनश्याम सिंह ने बताया कि खानपुर माइनर की पाल को जेसीबी से दुरुस्त कर दिया गया है। खानपुर माइनर की नहर कमांड एरिया की स्थिति से बनाई गई है। मुख्य नहर में काश्तकारों द्वारा लगाई गई आड़ को हटाने की कार्यवाही जारी है।टाइगर की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीममंडरायल| क्षेत्र के गोपालपुर के पास ग्रामीणों ने वन विभाग को खेतों में टाइगर के आने की सूचना दी। ग्रामीण मुन्ना दीगर्रा,गुड्डू सिंह, कल्लू सिंह व बलधारी सेंगर आदि ने वन कर्मियो को सूचना दी कि मुन्ना दिगर्रा के खेत में पूरी रात टाइगर जैसा देखा गया। सूचना मिलने पर नाका प्रभारी रामबाबू सिंह, फूलसिंह व बच्चू सिंह मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने पद चिन्हों की जांच करने पर बताया कि यह पद चिन्ह पैंथर हैं। इस पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

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