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घूसकांड प्रकरण:12 दिन बाद श्रम कल्याण विभाग का दफ्तर खुला, एसीबी टीम ने रिकॉर्ड जांचा, कार्मिकों से की पूछताछ

करौली20 दिन पहले
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करौली| सील दफ्तर खुलने के बाद रिकॉर्ड आदि की एसीबी टीम ने की जांच-पड़ताल। - Dainik Bhaskar
करौली| सील दफ्तर खुलने के बाद रिकॉर्ड आदि की एसीबी टीम ने की जांच-पड़ताल।
  • करौली श्रम कल्याण निरीक्षक के आवास से 10.83 लाख रु. बरामद होने पर कार्यालय किया था सील
  • एसीबी जांच से श्रम विभाग के कार्मिकों में डर भी

जयपुर लेबर कमिश्नर घूसकांड प्रकरण के तार करौली से जुड़े होने की वजह से 12 दिनों से सील श्रम कल्याण अधिकारी का दफ्तर बुधवार को एसीबी टीम ने खोला। जहां श्रम विभाग के कार्मिकाें से पूछताछ के साथ ही रिकॉर्ड की भी देर सायं तक जांच-पड़ताल जारी रही। कलेक्ट्रेट के ऊपरी मंजिल के श्रम विभाग के कार्यालय में एसीबी की जांच-पडताल की कार्यवाही से अन्य विभागों के अनुभागों में भी खासी सुगबुगाहट रही।

खास यह है कि बुधवार को एसीबी की जांच प्रक्रिया के दौरान श्रम निरीक्षक रमेशचंद मीना को छोड़कर बाकी स्टाफ के सभी कार्मिक मौजूद रहे।दरअसल, करौली श्रम कल्याण निरीक्षक व कार्यवाहक श्रम कल्याण अधिकारी रमेशचंद मीना के आवास से 10 लाख 83 हजार रुपये की बरामदगी होने पर जयपुर एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर करौली एसीबी के डीएसपी अमरसिंह मीना ने 26 जून,शनिवार को कलेक्ट्रेट की ऊपरी मंजिल के कमरा संख्या 201 में संचालित श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय के बाहर नोटिस चस्पा करने के साथ ही ताला सील कर दिया था।

इससे श्रम विभाग के निरीक्षक के अलावा सात कार्मिकों का स्टाफ दफ्तर सील होने से दस दिनों से एडीएम के समक्ष उपस्थिति दर्ज करवा रहा था, इससे विभाग का कामकाज पूरी तरह से ठप पड ़गया। बहरहाल, एसीबी पूछताछ व प्रारंभिक रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल में सबकुछ ठीकठाक मिला तो दफ्तर खुला रहेगा और कार्मिक कामकाज भी कर सकेंगे,यदि जांच में संदिग्ध पाया गया तो फिर से दफ्तर पर एसीबी सील लगा सकती है। बहरहाल, एसीबी छापेमारी में जयपुर लेबर कमिश्नर प्रतीक झाझडिया सहित एक दलाल व संविदाकर्मी के फंसने से घूसखोरी प्रकरण की आंच में करौली का श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय भी झुलस रहा है। शनिवार, 26 जून से दफ्तर सील होने से सोमवार को प्रात: 9.30 बजे कार्मिक पहुंचे तो दफ्तर सील देख कार्मिकों सहित कुछ फरियादियों को निराश होकर बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि, दस दिन तक श्रम विभाग के कार्मिक एडीएम के यहां उपस्थिति दर्ज करा रहे थे।

लिहाजा,10 लाख 83 हजार रुपए घर से बरामद होने के बाद से श्रम निरीक्षक व कार्यवाहक श्रम कल्याण अधिकारी रमेशचंद मीना भी नदारद हैं और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। इस मामले में जयपुर के एएसपी विशनाराम विश्नोई जांच कर रहे हैं,उनका कहना है कि विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी है।

तीन लाख की रिश्वत मामले में जयपुर के लेबर कमिश्नर प्रतीक झाझडिया सहित दो दलालों के गिरफ्त में आने से करौली श्रम विभाग के कार्मिकों में भी डर नजर आ रहा है। लेबर इंस्पेक्टर रमेशचंद मीना के अलावा जिला प्रबंधक व दो एकाउंटेंट व संविदाकर्मियों सहित कुल सात कार्मिकों का स्टाफ है। खास यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों से श्रम विभाग दफ्तर सील से अनभिज्ञ कुछ श्रमिक फरियादी भी पहुंचते हैं,मगर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इस मामले में एसीबी करौली के उपाधीक्षक पुलिस अमरसिंह का कहना है कि लेबर इंस्पेक्टर की कार्रवाई जयपुर टीम द्वारा की गई है,मुख्यालय के निर्देश पर बुधवार को दफ्तर की सील खोलने के साथ ही रिकॉर्ड व दस्तावेजों की जांच और कार्मिकों से पूछताछ की कार्यवाही की है।

एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देशों की पालना में बुधवार को सील श्रम विभाग के दफ्तर को खुलवाया और कार्मिकों की मौजूदगी में पूछताछ के साथ ही रिकॉर्ड व दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की। यदि, कुछ भी डाउटफुल मिलेगा तो दफ्तर पुन: सील भी किया जा सकता है, अन्यथा कार्मिक पूर्व की भांति अपना कामकाज कर सकेंगे।अमरसिंह, डीएसपी, एसीबी करौली

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