पितृ तर्पण अनुष्ठान:गायत्री शक्ति पीठ पर सामूहिक पितृ तर्पण अनुष्ठान

करौली20 दिन पहले
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टोडाभीम। गांव भजेड़ा में प्राचीन परंपरा के अनुसार पितरों को किया तर्पण। - Dainik Bhaskar
टोडाभीम। गांव भजेड़ा में प्राचीन परंपरा के अनुसार पितरों को किया तर्पण।

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ पर बुधवार को सर्व पितृ अमावस्या के अवसर पर सामूहिक पितृ तर्पण अनुष्ठान किया गया। गायत्री परिवार के प्रवक्ता राजेंद्र दीवान ने बताया की शांतिकुंज प्रतिनिधि ब्रह्मानंद शर्मा ने शास्त्रोक्त विधि से तर्पण अनुष्ठान संपन्न कराया जिसमें कई धर्मावलंबी पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी भाग लिया। सनातन धर्म में श्राद्ध कर्म का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा की पितरों को सच्ची श्रद्धा देने व उन्हें तृप्त रखने से वह निश्चित ही शक्ति, प्रकाश, मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं भावात्मक अनुदान प्रदान करते हैं। भारतीय संस्कृति में श्राद्ध कर्म को अनिवार्य बताया गया है। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध न्यासी वासुदेव गुप्ता, हुकम सिंह जादौन, गीता शर्मा, डोली वर्मा, आशा शर्मा, गोपाल सर्राफ, गोविंद सराफ, बल्लभ पंसारी, आदि उपस्थित रहे।

मंत्रोच्चार के साथ पितरों को तर्पण किया

टोडाभीम|उपखंड क्षेत्र के गांव भजेड़ा में बुधवार प्रातःकाल गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर पितृ तर्पण किया।पितृ तर्पण से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चारण करके सभी को चंदन का तिलक लगाया तथा सभी को कतार में खड़ा करके हाथों में डाब थमाकर पानी से पूर्वजों को पितृ तर्पण कराया। ग्रामीण लोकेश भजेड़ा ने बताया कि मृत आत्माओं की शांति के लिए तथा पितृ लोक से अगले लोकों में प्रस्थान के लिए पितृ तर्पण उनके वंशजों के द्वारा किया जाता है। ग्राम पंचायत सरपंच हरि पटेल ने बताया कि वो अर्पण जो तृप्त करे,संतुष्ट करे।तर्पण क्रिया के द्वारा हम पितरों का,देवों का और ऋषि जनों का आभार प्रकट करते हैं।ग्रामीण सरपंच हरि पटेल ने बताया कि दिवंगत पितरों को इस दिन तर्पण कर कृतज्ञता के साथ याद किया जाता है। गांव के ग्रामीणों ने गोल घेरा बनाकर अपनी माता और पिता को तर्पण किया।

अंतिम श्राद्ध पर पूर्वजों को पानी देकर किया स्मरण

हिंडौन सिटी|अमावस्या के साथ ही बुधवार को श्राद्ध पक्ष पूरे हो गए। इस मौके पर लोगों ने अंतिम दिवस के श्राद्ध के रूप में अपने पूर्वजों को पानी देने की रस्म पूरी की। उपखंड मुख्यालय पर श्राद्ध पक्ष में पानी देने की रस्म जल सेन में पूरी की जाती रही है, श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन अमावस्या को जल सेन के पास स्थित एक कुएं पर अपने पूर्वजों को पानी देने की रस्म पूरी करते काफी लोगों को देखा गया। पंडित श्याम सुंदर शर्मा ने सभी लोगों को यह रस्म पूरी कराई।

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