कड़ाके की ठंड:2.6 डिग्री गिरकर न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री, 8 बजे तक कोहरा, पाले की आशंका

करौली5 महीने पहले
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श्रीमहावीरजी। हिंडौन-श्रीमहावीरजी मार्ग पर छाया कोहरा। - Dainik Bhaskar
श्रीमहावीरजी। हिंडौन-श्रीमहावीरजी मार्ग पर छाया कोहरा।
  • बारिश का दौर थमने के बाद से ही लगातार बढ़ रही है सर्दी , तीन दिन से लगातार तापमान में आ रही गिरावट

बारिश का दौर थमने के बाद से ही करौली जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मकर संक्रांति से लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है। तीन दिनों से ठंड काफी बढ़ गई है। जिसका असर अब धीरे-धीरे फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। कल देर रात न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 5 डिग्री था। रविवार को अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री व न्यूनतम 2.4 डिग्री रहा। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 11 डिग्री था और न्यूनतम 5 डिग्री रहा। रात के तापमान में गिरावट आई है, जबकि दिन के तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो अब ठंड लगातार बढ़ेगी। मौसम साफ होते ही रात के तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है।

रविवार को कोहरे का भी असर रहा। सुबह 8 बजे कोहरा छाए रहने से बिजिविलिटी 10 मीटर तक रही। कृषि विज्ञान केन्द्र के डॉ. बच्चू सिंह व कृषि वैज्ञानिक एमके नायक बताया कि रबि फसलों को शीतलहर के पाले से काफी नुकसान होता है। तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से कम होने लगता है तो पाला पड़ने की पूर्ण संभावना होती है। जब भी पाला पड़ने की संभावना हो तो फसल में हल्की सिंचाई करना चाहिए। जिससे तापमान 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिरेगा और फसलों को पाले से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। खेतों के मेढ़ पर धुआं करना चाहिए। रविवार को तेज सर्दी से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहार लिया। फिलहाल पाले से अभी नुकसान नहीं है, लेकिन आगामी दिनों में ठंड बरकरार रही तो पाला पड़ने से रबी फसल में होने वाले नुकसान की संभावना को देखते हुए किसान चिंतित है।
पाले से फसल को बचाने के उपाय
- जिस रात पाला पडऩे की संभावना हो, उस रात 12 से 2 बजे के आस-पास खेत को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए कूड़ा-कचरा, घास-फूस जलाकर धुआं करना चाहिए।
- रात को वायुरोधी टाटिया को हवा आने वाली दिशा की तरफ से बांधकर क्यारियों के किनारों पर लगाएं।
- पाला पड़ने की संभावना हो तब खेत में सिंचाई करनी चाहिए। नमी युक्त जमीन में काफी देर तक गर्मी रहती है और भूमि का तापमान कम नहीं होता है।

आगे क्या : 18 जनवरी तक मौसम शुष्क बना रहेगा। घना कोहरा एवं शीतलहर की संभावना है। कृषि विज्ञान केन्द्र के मौसम वैज्ञानिक एम के नायक ने बताया कि रात्रि का तापमान चार डिग्री से नीचे जाने पर पाला पड़ता है। आगामी तीन-चार दिनों तक शीतलहर व पाला की संभावना है। पिछले चौबीस घंटे में न्यूनतम तापमान में कुछ स्थानों पर गिरावट दर्ज की गई।

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