जर्जर सड़क दे रही जख्म:7 किमी सड़क पर 70 से अधिक गड्‌ढे़, 7 साल से इंतजार, 7 से अधिक विभाग, 70 से अधिक बार सौंपा ज्ञापन

करौलीएक महीने पहले
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करौली। करौली मंडरायल की 7 किलोमीटर जर्जर।‎ - Dainik Bhaskar
करौली। करौली मंडरायल की 7 किलोमीटर जर्जर।‎
  • 3 साल पहले किए टैंडर को लोक अदालत के आदेश पर निरस्त‎

उमेश शर्मा ।करौली सार्वजनिक निर्माण की ओर से तीन साल पहले किए लगभग 9 किमी की सड़क 3 साल बाद भी पूरी नहीं बनी। सड़क निर्माण कार्य का ठेका लेने वाले ठेकेदार काम को अधूरा छोड़ कर चल गया। इसके बाद भी सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों का इस सड़क का पूरा कराने की ओर ध्यान ही ही नहीं है। अभिभाषक संघ करौली ने लोक अदालत में सार्वजनिक निर्माण विभाग को खड़ा कर दिया तब जाकर लोक अदालत के फैसले पर ठेकेदार का टैंडर निरस्त किया गया। करौली-मंडरायल रोड पर शिकारगंज तिराहे से सांकरा मोड़ तक की लगभग 7 किमी सड़क को प्रशासन ने सात साल निकल जाने के बाद भी सही नहीं करवा सका। इस सड़क पर 70 से ज्यादा गड्ढे बने हुए हैं। इस 7 किमी के क्षेत्र में जिला अस्पताल की मातृ-शिशू इकाई, पुलिस लाइन सहित 7 से भी अधिक विभिन्न सरकारी दफ्तर हैं। हालत यह है कि जिले की प्रमुख समस्याओं के नाम पर जब भी कोई संगठन या समाजसेवी ज्ञापन देता है उस ज्ञापन में सड़क की समस्या का हवाला होता है लेकिन आज तक इस 7 किमी के रोड के निर्माण को लेकर अब तक कई बार ज्ञापन जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को दिए जा चुके हैं लेकिन आज भी लोगों से जुड़ी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ।

तीन साल पहले 9.5 किमी सड़क निर्माण के लिए मिली थी स्वीकृति
सार्वजनिक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मुताबिक 11 सितम्बर 2018 को 297.50 लाख रुपए की लागत से शिकारगंज से साकरा रोड तक साढ़े 9 किमी की सड़क मरम्मत की स्वीकृति मिली थी। जिसमें सीसी एवं डामरीकरण रोड निर्माण किया जाना था। इसके बाद विभाग द्वारा 4 अक्टूबर 2018 को गंगापुरसिटी के डबल ए क्लास ठेकेदार हेमराज मीना को 2 करोड़ 51 लाख 57 हजार 629 रुपए का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया। इसके बाद ठेकेदार ने लगभग 3 किमी सड़क का निर्माण कर काम बीच में छोड़ दिया। 72 लाख रुपए का भुगतान भी ठेकेदार को कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने 24 सितम्बर 2021 को टैंडर निरस्त कर 12 नवंबर को पुन: निविदा जारी कर 184.87 लाख रुपए की निविदा आमंत्रित की। जिसका टेंडर 30 नवंबर 2021 को होना था लेकिन अभी तक टेंडर नहीं हो सका।
लोक अदालत में आदेश के बाद सानिवि ने निरस्त किया टेंडर
गत दिनों सड़क की समस्या को लेकर अभिभाषक संघ करौली ने लोक अदालत में परिवाद दायर किया था। इसके बाद लोक अदालत के निर्णय के अनुसार सानिवि के अधिकारियों ने पुराने ठेकेदार का टैंडर निरस्त कर दिया और रिटेंडर के लिए फिर से निविदा जारी कर दी।
अब रिटेंडर की प्रक्रिया चल रही है
विभाग ने ठेकेदार का टैंडर निरस्त कर दिया। अब रिटेंडर की प्रक्रिया चल रही है। 30 नवंबर तक रिटेंडर किया गया, लेकिन उसमें 27 प्रतिशत अधिक रेट होने के कारण अब फिर रिटेंडर होगा। अभी आचार संहिता के कारण रिटेंडर की प्रक्रिया अटक गई है। आचार संहिता हटने के बाद टेंडर किए जाएंगे। - राजवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, करौली

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