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प्रशासन की तैयारी:करौली में 36 और हिंडौन में 24 सिलेंडर जेनरेशन यूनिट, दोनों ही जगह ऑक्सीजन की खपत ज्यादा

करौलीएक महीने पहलेलेखक: सुखदेव डागुर
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अशोक चांदना। - Dainik Bhaskar
अशोक चांदना।
  • प्रभारी मंत्री ने बोले- जरूरत पड़ी तो लिमिट और बढ़वाएंगे
  • कलेक्टर से हर रोज बात करता हूं और पूछता हूं कि आज क्या अपडेट है
  • आगे क्या करना चाहिए, हमें जिले के लिए और क्या मदद चाहिए? अभी स्थिति कंट्रोल में

कोविड-19 की दूसरी लहर अब घातक हो रही है। हॉस्पिटलों में बेड, वेंटिलेंटर, ऑक्सीजन व रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी होने से हाहाकार मचा हुआ है। जिले में भी निरंतर पॉजिटिव मरीजों की संख्या और मौत के बढ़ते आंकड़े चिंताजनक हैं।

जिले के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल करौली व हिंडौन में जरूरत के हिसाब से संसाधनों की कमी से सांसें फुल रही है। सांसद व विधायकों ने भी अपने कोष से ऑक्सीजन, कंसंट्रेटर व अन्य मेडिकल उपकरणों के लिए करीब तीन करोड़ से ज्यादा राशि देने की अनुशंसा कर दी।

इस संकट के दौर में जिला प्रभारी मंत्री अशोक चांदना की ओर से करौली जिले के लिए किए जा रहे प्रयास व उनकी सहभागिता जानने के लिए भास्कर ने दूरभाष पर उनसे बातचीत की। मंत्री चांदना के अनुसार करौली में अभी मरीजों का दबाव कम है, लेकिन हिंडौन में स्थिति खराब है।

भास्कर के सवाल और जिला प्रभारी मंत्री अशोक चांदना के जवाब

Q1. ऑक्सीजन, इंजेक्शन की कमी से जूझ रहे करौली जिले में बेहतर इंतजाम हों, इसके लिए प्रभारी मंत्री होने के नाते आपने कौन-कौन से कदम उठाए?

जवाब : करौली में 36 और हिंडौन में तकरीबन 24 सिलेंडर जेनरेशन यूनिट हैं। दोनों ही जगह कैपेसिटी से करीब 40 से 50 सिलेंडर की खपत ज्यादा हो रही है। अलवर से हमें 100 सिलेंडर भरवाने की कैपेसिटी की परमिशन मिली है। अभी स्थिति टाइट जरूर हैं, लेकिन अंडर कंट्रोल में हैं। पहले 50 सिलेंडर थे।

हमने इंडस्ट्रीज व प्राइवेट सेक्टर से 300 सिलेंडर एक्वायर किए हैं और निरंतर कोशिश कर रहे हैं कि यह सप्लाई मेंटेन रहे। निरंतर मैं ऊपर भी बात कर रहा हूं कि यदि किसी प्रकार से इससे ज्यादा या दो-चार दिन में इससे ज्यादा स्थिति बिगड़ती है तो निश्चित रूप से कैपेसिटी बढ़ाने की बात करेंगे।

Q2. कोरोना काल की दूसरी लहर में पिछले 20 दिन में करौली कलेक्टर से संवाद किया या नहीं, यदि हां तो कितनी बार?

जवाब : करीब 10-12 दिन पहले ही तो मैं करौली 22-23 अप्रैल को आया था। सभी जिले के अधिकारियों को बैठाकर कोविड पर मीटिंग की थी। कलेक्टर से हर रोज बात होती है, आज क्या अपडेट है। आगे क्या करना चाहिए, हमें जिले के लिए और क्या मदद चाहिए। इसके लिए निरंतर संवाद रहता है।

Q3. जिले को कोविड संकट से निकालने के लिए आपने सीएम या स्वास्थ्य मंत्री से बात की, यदि हां तो कितनी बार और क्या?

जवाब : मैं आपको प्रभारी मंत्री होने के नाते कह रहा हूं कि मै करौली जिले के लोगों से कहना चाहता हूं कि करौली जिले के लिए ऑक्सीजन या किसी भी सुविधाओं की कमी नहीं रहेगी। हम डेली मॉनिटरिंग कर और आगे भी बात कर रखी है। अभी हमारी कैपेसिटी के अंडर आ रहा है। 100 सिलेंडर भराने की हमारी परमिशन है, 100, 115, 110, 80-90 यही चल रहा है। यदि इससे ज्यादा लिमिट बढ़ती है तो निश्चित रूप से हमारे पास और भी व्यवस्था तैयार है, कैपेसिटी बढ़ा देंगे।

Q4. पिछले 15 दिन में आपने क्या जिले की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई वीसी के जरिये मीटिंग की या नहीं?
जवाब : करौली में 22 अप्रैल को ही गया था, जहां कलेक्ट्रेट में कोविड को लेकर सभी डीएलओज की मीटिंग ली। इसके अलावा हर रोज कलेक्टर से दूरभाष पर बात होती है,करौली में स्थिति कंट्रोल में है।

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