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कोरोना से जंग:टेली ओपीडी से इलाज के साथ जागरूक भी हुए मरीज

करौली6 दिन पहले
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कोरोना की चेन तोडऩे, हर वर्ग के लोगों को घर बैठे इलाज मिलने और लॉकडाउन में साधन और संसाधनों के अभाव में एक फोन पर वरिष्ठ चिकित्सकों से परामर्श की दृष्टि से टेली ओपीडी खासी कारगार साबित हुई है। ये विचार यहां शनिवार को टेली ओपीडी के फीडबैक कार्यक्रम में चिकित्सकों, मरीजों एवं उनके परिजनों से उभर कर सामने आए।करौली में सामाजिक सरोकारों के तहत दैनिक भास्कर व सिद्धि विनायक की ओर से वरिष्ठ चिकित्सकों से मरीजों के लिए नि:शुल्क परामर्श के लिए टेली ओपीडी का संचालन किया जा रहा हैं। टेली ओपीडी की लोकप्रियता इस हद तक हुई है कि अब लोग इसे नियमित करने का सुझाव देने लगे हैं।

मनोचिकित्सक डॉ. प्रेमराम मीना ने बताया कि टेली ओपीडी से लोगों को भावनात्मक सपोर्ट मिला है। चिकित्सकों ने पूरे मनोयोग से इसमें कार्य कर हर तबके के मरीज को राहत पहुंचाई है। जिला अस्पताल के डॉ. गणेश मीना का कहना है कि पहली बार मरीजों को इस प्रकार की सुविधा घर बैठे मिलने से सामान्य रोगियों को अस्पताल आने की जरूरत नहीं हुई।एस्सार हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता का कहना है कि यह मरीजों के साथ उनके परिजनों के लिए सुविधाजनक साबित हुई। इसके माध्यम से मरीजों में व्याप्त कई भ्रान्तियां भी दूर हुई हैं। डॉ. डी.एन. शर्मा व डॉ. संतोष गुप्ता का कहना है कि खतरा केवल टला है, सावधानी नियमित बरतने की आवश्यकता है, हमने मरीजों को इस दृष्टि से जागरूक करने की पूरी कोशिश की है, मरीजों ने भी अपनी जिज्ञासाओं को शमन किया है।

सिद्धि विनायक के निदेशक कमलेश शर्मा का कहना है कि जनहित के लिए इस प्रकार के आयोजन नियमित हो, इसके लिए सार्थक प्रयास किए जाएंगे। जयपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक शर्मा पहल को हर सामाजिक संगठनों को अपनाने की सलाह देते हुए बताते है कि सुदूर गांव में बैठे व्यक्ति के पास चिकित्सा सुविधा ना हो, लेकिन मोबाइल है, टेली ओपीडी ने इस दूरी को पाट दिया।

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