1 साल बाद भी मंडी के लिए नहीं मिली जमीन:पिछले साल सपोटरा में कृषि मंडी की हुई थी घोषणा, 40KM दूर जाने को मजबूर किसान

करौली5 महीने पहले
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सपोटरा में कृषि उपज मंडी के लिए पिछले साल बजट में घोषणा हुई थी, लेकिन अभी तक जमीन आवंटित नहीं हुई है। - Dainik Bhaskar
सपोटरा में कृषि उपज मंडी के लिए पिछले साल बजट में घोषणा हुई थी, लेकिन अभी तक जमीन आवंटित नहीं हुई है।

किसानों को स्थानीय स्तर पर फसल बेचने की सुविधा मुहैया कराने के लिए सपोटरा में गौण कृषि मंडी खोलने की घोषणा हुई थी, लेकिन 1 साल बीतने के बाद यह घोषणा अधूरी है। 1 साल बीत जाने के बाद भी अब तक मंडी के लिए जमीन आवंटित नहीं की जा सकी है। अधिकारियों ने मंडी के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया के लिए कवायद तो की, लेकिन अब तक जमीन आवंटन नहीं हो सका है।

पिछले साल बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सपोटरा उपखंड पर कृषि गौण उपज मंडी स्थापना की घोषणा की थी, जिससे क्षेत्र के किसानों में खुशी छाई। किसानों ने उम्मीद की थी कि मंडी स्थापना से उन्हें स्थानीय स्तर पर ही फसल बेचने की सुविधा मिलेगी। साथ ही मंडी समिति की ओर से मिलने वाली अन्य सुविधाओं से भी वे लाभान्वित हो सकेंगे, लेकिन एक साल बाद भी मंडी के लिए जमीन तक आवंटित नहीं हुई है। कस्बे में कृषि मंडी के अभाव में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए गंगापुर सिटी या करौली मंडी में जाना पड़ता है। यहां की दूरी ज्यादा होने के कारण उन्हें ज्यादा किराया-भाड़ा चुकाना पड़ता है और नुकसान होता है। इसको लेकर क्षेत्र के किसान निराश हैं।

मंडी के लिए 25 बीघा जमीन की जरूरत
सपोटरा के तहसीलदार भानू प्रताप सिंह ने बताया कि गौण मंडी के लिए राज्य सरकार द्वारा मांगे गए प्रस्ताव के अनुरूप पहले तहसील प्रशासन की ओर से 12 बीघा जमीन का प्रस्ताव कलक्ट्रेट को भिजवाया गया था, लेकिन मंडी के लिए 25 बीघा जमीन की जरूरत है। ऐसे में 25 बीघा जमीन के लिए प्रस्ताव बनाकर दोबारा राज्य सरकार को भेजा जाएगा।