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हमारे होनहार आरएएस...:आरएएस चयनित बोले-सिर्फ पढ़ने में हो स्मार्ट फोन का यूज, लक्ष्य के प्रति समर्पण जरूरी, रटने के बजाय टॉपिक समझें तो सफलता तय

करौली12 दिन पहले
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  • जिले के कई अभ्यर्थियों ने हासिल की उपलब्धि, भास्कर ने उनसे जाना सफलता का मूलमंत्र

राजस्थान लाेक सेवा आयाेग (आरपीएससी) की और से आरएएस संयुक्त प्रतियाेगी परीक्षा-2018 का परिणाम मंगलवार देर रात घाेषित किया गया। इलाके के हाेनहार बेेटे-बेटियाें ने आरएएस के परिणााम में शानदार सफलता हासिल की। होनहारों की सफलता पर आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया गया। इस मौके पर दैनिक भास्कर ने अभ्यर्थियाें से सफलता का मंत्र जाना। अभ्यर्थियों ने बताया कि आरएएस में सफलता के लिए प्लानिंग के साथ तैयारी करना बेहद जरूरी है। नियमित पढ़ाई करें और जो भी पढ़ें उसका रिवीजन जरूर करें। रटने के बजाय टॉपिक को समझें। ज्यादातर अभ्यर्थियों का कहना था कि एग्जाम की तैयारी के दौरान उन्होंने स्मार्टफोन से पूरी तरह से दूरी बनाई। यूज भी किया तो सिर्फ स्टडी मैटेरियल डाउनलोड करने के लिए। पढ़िए होनहारों की सफलता की कहानी...

2018 से ही सोशल मीडिया से बना ली दूरी, सफल हुई : मेघा शांडिल्य हिंडौनसिटी. कृष्णा कॉलोनी निवासी मेघा शांडिल्य ने पहले ही प्रयास में सेल्फ स्टडी करते हुए सफलता हासिल की है। वर्तमान में सूरौठ के सीनियर स्कूल में वरिष्ठ अध्यापिका पद पर कार्यरत मेघा का कहना रहा कि आरएएस परीक्षा आवेदन भरने के बाद से ही वर्ष 2018 में उसने सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। क्योंकि सोशल मीडिया पर नकारात्मक टिप्पणी ज्यादा आती हैं। ऐसे में पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करना आसान नहीं रहता। मेघा ने वर्ष 2008 से 11 व 12 वीं की पढ़ाई जलसेन के पास स्थित राजकीय बालिका सीनियर स्कूल से की। इसके बाद बीएससी की पढ़ाई करौली के सरकारी कॉलेज से की। बीएससी की डिग्री करने के बाद लहचौडा के मदर टेरेसा से बीएड की डिग्री ली। 2014 में पटवारी की जॉब लग गई। एक साल पटवारी की जॉब करने के बाद 2015 में द्वितीय श्रेणी शिक्षक में चयन हो गया। मेघा ने दूसरे स्टूडेंटों को सफलता का राज बताते हुए कहा है कि हमारा लक्ष्य समर्पित होना चाहिए और तैयारी में धैर्य रखना जरुरी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 6 से 7 घंटे नियमित रुप से पढ़ाई की।

परीक्षा ज्यादा मुश्किल नहीं, मेहनत से सफलता : शेखर हिंडौनसिटी. नई मंडी भारतीय कॉलोनी निवासी शेखर शर्मा ने सेल्फ स्टडी करते हुए दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। शेखर शर्मा के पिता हरिमोहन पाली के सरकारी स्कूूल में व्याख्याता पद पर कार्यरत हैं। 10 वीं तक पढ़ाई हिंडौन से करने के बाद सीकर से 11 व 12 वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद जयपुर की यूनिवर्सिटी से बीटेक की डिग्री हासिल की। वर्ष 2017-18 में कुडगांव पोस्टऑफिस में बीपीएम पद पर कार्य किया, लेकिन आरएएस की तैयारी के लिए यह जॉब छोड़ दी। बताया कि वर्ष 2018 में आरएसएस परीक्षा में उनका दूसरा प्रयास था। दूसरे स्टूडेंटों को सफलता का राज बताते हुए कहा है कि आरएएस एक्जाम टफ नहीं है, मेहनत से सबकुछ संभव हो जाता है। जो भी करना है, वो लक्ष्य बनाकर करना चाहिए। शेखर ने भी नियमित रुप से 5 से 6 घंटे पढ़ाई कर सफलता हासिल की है।

हर परिस्थिति का सामना कर सफलता हासिल की : कान्हा सूरौठ। कस्बा निवासी प्रतिभाशाली युवक कान्हा जांगिड़ ने आरएएस परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता अर्जित की है। कान्हा जांगिड़ ने ऑल ओवर 100वी रैंक अर्जित की है एवं ओबीसी वर्ग में 12 वीं रैंक मिली है। कान्हा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सूरौठ से ही की थी ।घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के इन्होंने जयपुर में रहकर कोचिंग में पढ़ाना शुरू किया और हिम्मत नहीं हारी और अपने लिए प्रशासनिक सेवा जाने का लक्ष्य बनाया।रेखा ने एसटी वर्ग में पाई 5वीं रैंकसिंघनिया। ग्राम पंचायत अलीपुरा के गांव शहराकर का पुरा में सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक की बेटी ने आरएएस में फाइनल सेलेक्शट होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है, जानकारी के मुताबिक रिटायर्ड बैंक प्रबंधक हरभजन मीना की पुत्री रेखा मीना ने आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) के परिणाम में अनुसूचित जनजाति वर्ग में पांचवी रैंक और सामान्य वर्ग में 107वीं रैंक हासिल की है।

करौली आईसीडीएस डीडी की बेटी अल्का चौधरी का सब इंस्पेक्टर के साथ ही आरएएस में भी चयन

महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक प्रभातीलाल जाट की बेटी अल्का चौधरी का सब इंस्पेक्टर के साथ आरएएस में भी चयन हो गया है। मेधावी बेटी अल्का जाट की आरएएस में 291वीं रेंक के साथ हाल ही पुलिस उप निरीक्षक पद पर अंतिम चयन होने की दोहरी सफलता पर जयपुर के निर्माण नगर निवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। वहीं करौली में पदस्थापित सीनियर आरएएस प्रभातीलाल जाट को भी शुभचिंतकों ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और बेटी की कामयाबी पर बधाई भी दी। दरअसल, राज्य लोक सेवा आयोग ने राजस्थान राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2018 के मंगलवार को घोषित परिणाम के अनुसार अल्का चौधरी ने सामान्य वर्ग में 291 वीं रेंक हांसिंल कर समाज का नाम रोशन करते हुए आरएएस पिता का भी मान बढ़ाया है। पूरे परिवार में खुशी का माहौल है और रिश्तेदार व अडौसी-पडौसियों ने मिठाई बांटकर बेटी अल्का के आरएएस में चयन होने पर खूब जश्न मनाया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की मुहिम में लगे आरएएस पिता व महिला अधिकारिता विभाग करौली के सहायक निदेशक प्रभातीलाल जाट की बेटी अल्का ने कड़ी मेहनत व सफलता के दम पर बीबीबीपी अभियान को सार्थक साबित करते हुए मिसाल पेश की है।

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