पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

विभाग के अधिकारियों के लिए टी-92 चुनौती:40 वनकर्मी व 50 ट्रैप कैमरों से निगरानी, फिर भी सुंदरी का सुराग नहीं, कैलादेवी अभयारण्य से 8 महीने से लापता

करौली13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • खोजबीन... वन विभाग की टीम धौलपुर, करौली और रणथंभौर में कर चुकी तलाश, सुंदरी के शिकार की आशंका, अफसरों से जवाब देते नहीं बन रहा

सरिस्का और मुकंदा में बाघों के गायब होने की शर्मिंदगी झेलने के बाद रणथंभौर व कैलादेवी अभयारण्य से भी बाघ गायब हो रहे हैं जिससे वन विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ी हुई। आखिर ये बाघ कहां गायब हो रहे हैं। रणथंभौर अभयारण्य से टाइगर मोहन टी- 47 व फतेह, कैलादेवी अभयारण्य से टाइग्रेस टी- 92 (सुंदरी) आठ माह से लापता है। वन विभाग की टीमें धौलपुर, करौली, रणथंभौर के जंगलों में सुंदरी की तलाश कर चुकी, लेकिन सफलता नहीं मिली। टाइग्रेस टी- 92 (सुंदरी) की तलाश में कैलादेवी अभयारण्य के जंगलों में करीब 50 ट्रैप कैमरों से 40 वन कर्मियों के साथ रणथंभौर की टाइगर बाॅच व डब्लूडब्लूएफ की टीम भी तलाश में जुटी हुई है। इतने लंबे समय से सुंदरी के नहीं मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं सुंदरी का शिकारियों ने शिकार तो नहीं कर लिया।वन कर्मियों ने सुंदरी को मंडरायल के जंगलों में 11 फरवरी 2020 को अंतिम बार ट्रैप कैमरे में कैद किया था। उसके बाद से ही वह लापता है। वन विभाग के डीएफओ नंदलाल प्रजापत ने तलाश में वन विभाग की चार अलग अलग टीमें गठित की है। टाइगर ट्रैकर रामलाल गुर्जर, रेंज नैनियाकी दिनेश शर्मा, वनपाल श्यामपुर, सुरेश मिश्रा वनपाल मंडरायल, रामनारायण मीना वनपाल नाका राहिर के नेतृत्व में चारों टीमें कैलादेवी अभयारण्य में निगरानी में लगाई गई है। कैलादेवी अभयारण्य से 13 साल में अब तक 10 बाघ दस्तक दे चुके हैं, लेकिन अब मात्र तीन ही विचरण कर रहे हैं।

सबसे पहले टाइगर टी- 47 (मोहन) 28 नवंबर 2007 को रणथंभौर से कैलादेवी अभयारण्य में दस्तक दी थी। यह बाघ 6 साल ठहर कर चला गया। अब छह माह से लापता है। दूसरा टाइगर टी- 7 जो 28 अगस्त 2010 को कैलादेवी अभयारण्य आया और एक महीने ठहरकर चला गया। अब सरिस्का में विचरण कर रहा है। तीसरा टाइगर टी- 26 का शावक 26 जनवरी 2013 को आया और 4 दिन ठहर कर चला गया। अब एमपी के दतिया जिले के सेवड़ा में विचरण कर रहा है। चौथा टाइगर टी- 71 (सोहन) 15 सितंबर 2014 को आया और 6 माह ठहर कर चला गया। अब रणथंभौर के जंगलों में विचरण कर रहा है। पांचवां टाइगर टी- 80 (तूफान) 8 अप्रैल 2015 को आया। छठा टाइगर टी- 72 (सुल्तान) 30 अगस्त 2015 को आया। ये दोनों ही कैलादेवी अभयारण्य में विचरण कर रहे हैं। सातवां टाइगर टी- 30 का शावक 26 फरवरी 2016 को आया और 6 मार्च 2016 को रणथंभौर चला गया। आठवां टाइगर टी- 89 (धूडिया) 11 अक्टूबर 2016 को आया और तीन दिन ठहर कर चला गया।अब रणथंभौर में विचरण कर रहा। नौवीं टाइग्रेस टी- 92 (सुंदरी) ने 30 जनवरी 2017 को पहली बार कैलादेवी के जंगलों में कदम रखा है। वह आठ माह से लापता है। दसवां टाइगर टी- 116 रणथंभौर से आया और अब इन दिनों धौलपुर में विचरण कर रहा है।

कौनसा बाघ किस बाघिन के साथ कर रहा विचरणटाइगर टी- 80 (तूफान) अब टाइग्रेस टी- 118 (वर्षा) के साथ मंडरायल के जंगलों में विचरण कर रहा है। टाइगर टी- 72 (सुल्तान) बिना किसी साथी के कैलादेवी अभयारण्य के जंगलों में अकेला विचरण कर रहा है। टी- 92 (सुंदरी) 8 महीने से गायब है। धौलपुर में सुंदरी की बेटी है, जिसे केटी -1 (टी- 117) के नाम से पहचाना जाता है जो अब इन दिनों रणथंभौर से 6 माह पहले धौलपुर पहुंचे युवा टाइगर टी- 116 के साथ विचरण कर रही है। कैलादेवी अभयारण्य में तीन साल से एक साथ रहने वाली सुंदरी और सुल्तान की जोड़ी आठ माह सेे बिछड़ी हुई है। टी- 72 (सुल्तान) टी- 92 (सुंदरी) की तलाश में कैलादेवी अभयारण्य में इधर उधर तलाश कर रहा है।

वन्यजीवों की सुरक्षा पुख्ता नहीं

26 फरवरी 2009 को करणपुर के उंटगिरी किले के पास शिकारियों ने जंगल में फुट ट्रैप लगाया था। 2 सितंबर 11 को मंडरायल रेंज के जंगलों में पैंथर का कंकाल मिला था। 6 जनवरी 13 को नैनियाकी रेंज के जंगलों में कट्टे में वनर्किर्मयों को सांभर के कटे अंग मिले थे। 15 दिसंबर 13 को महाराजपुरा के गोटा गांव में एक महिला से सूअर का मांस बरामद किया था। 22 मई 14 को मंडरायल रेंज में एक पैंथर का जंगल में शव मिला था। 1 अक्टूबर 14 को राहिर वन खंड में बंदूक सहित एक शिकारी को गिरफ्तार किया था। 13 जनवरी 17 को मंडरायल के टोकेपुरा के जंगलों में एक पैंथर का शव मिला था। 20 फरवरी 2017 को करणपुर रेंज की कुडका मठ खोह में ट्रैकिंग कर रहे वनकर्मी व शिकारियों में मुठभेड़, शिकारी को दबोचा था। 1 अप्रैल 2020 को कैलादेवी (चूरिया के जंगल) में बंदूकधारी दो शिकारी गिरफ्तार किए थे। 15 मई 2020 को नैनियाकी रेंज के जंगलों में एक शिकारी को गिरफ्तार था। 24 मई को नैनियाकी के जंगल से तीन शिकारी मांस पकाते गिरफ्तार किए थे। इससे यह साफ जाहिर होता है कि कैलादेवी अभयारण्य में वन्यजीवों की पुख्ता सुरक्षा नहीं है।

सुंदरी की तलाश में जुटी हुई है टीमकैलादेवी अभयारण्य में तीन बाघ और दो धौलपुर मे विचरण कर रहे हैं। टाइग्रेस टी- 92 (सुंदरी) लापता है। तलाश में टीम लगी हुई है। जंगल में बाघों की निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीम लगी हुई है।नंदलाल प्रजापत, उप वन संरक्षक, करौलीधौलपुर में कोई मूवमेंट नहींहमारे यहां जंगल में दो बाघ विचरण कर रहे हैं। इस समय टाइगर टी- 116 व टी- 117 का मूवमेंट है। टी- 72 का भी आना जाना बना रहता है। लगातार ट्रैकिंग की जा रही है। सुंदरी का यहां कोई मूवमेंट नहीं है।फुरखान अली खत्री, (कार्यवाहक) डीएफओ धौलपुरनिगरानी के लिए टीमें तैनातबाघों की निगरानी के लिए चार टीमें गठित की हुई हैं, जिसमें टाइगर ट्रैकर रामलाल गुर्जर, रेंज नैनियाकी, दिनेश शर्मा वनपाल श्यामपुर, सुरेश मिश्रा वनपाल मंडरायल, रामनारायण मीना वनपाल नाका राहिर के नेतृत्व में कैलादेवी अभयारण्य में टीम निगरानी में लगाई गई है।प्रदीप शर्मा, रेंजर मंडरायल

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आप अपने अंदर भरपूर विश्वास व ऊर्जा महसूस करेंगे। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। तथा अपने सभी कार्यों को समय पर पूरा करने की भी कोशिश करेंगे। किसी नजदीकी रिश्तेदार के घर जाने की भी योजना बनेगी। तथ...

और पढ़ें