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‘मुख्यमंत्री हमारी बेटियां’ योजना:बेटियों की ‘उड़ान’ को लगेंगे पंख, मेधावी अनाथ बालिका को पढ़ाएगी सरकार

करौली13 दिन पहले
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  • प्रतिवर्ष 33 जिलों की 132 बालिकाओं का चयन किया जाएगा, पाठ्यपुस्तकें-स्टेशनरी,-यूनिफार्म आदि के लिए एक मुश्त राशि मिलेगी

आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं। शिक्षा जितनी आवश्यक बेटों के लिए है उतनी ही बेटियों के लिए भी है, लेकिन कई बार कुछ परिस्थितियां ऐसी हो जाती है कि वे परिवार अपनी बेटियों को शिक्षा दिलाने में असमर्थ हो जाते हैं। ऐसे परिवार की बेटियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना की शुरुआत की है।राजस्थान स्कूल विभाग की ओर से ‘मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना 2019-20’ के लिए राज्य के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की सेकंडरी परीक्षा में जिले की प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली दो मेधावी बालिकाओं, एक बीपीएल परिवार की प्रथम स्थान पाने वाली बालिका व प्रथम स्थान पाने वाली एक अनाथ बालिका (सभी वर्ग में न्यूनतम 75% अंक अनिवार्य) का वित्तीय वर्ष 2020-21 में वित्तीय सहायता के लिए चयन किया जाना है। राज्य में इस योजना में प्रतिवर्ष 33 जिलों की 132 बालिकाओं का चयन किया जाएगा। निदेशक माध्यमिक शिक्षा सौरभ स्वामी ने हाल ही में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (माध्यमिक) को निर्देश जारी किए हैं।

उद्देश्य : होनहार बालिकाएं प्रतिस्पर्धियों से पिछड़े नहीं

पिछड़े एवं अल्प आय वाली होनहार बालिकाएं आर्थिक समस्याओं के चलते उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने सपने साकार करने में असमर्थ हैं तथा अन्य प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ जाती हैं। इसको ध्यान में रखते हुए बेटियों को समृद्ध बनाने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है। योजना के प्रावधानों के तहत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं परीक्षा में जिला स्तर पर टॉप करने वाली दो तथा एक बीपीएल परिवार से आने वाली बेटी को मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना के तहत 2.25 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त जब वह लड़की 11वीं और 12वीं में अध्ययन करेगी तब राज्य सरकार की ओर से उन्हें मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना के तहत 15 हजार व कॉलेज शिक्षा के लिए 25 हजार रुपए हर साल देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना में शिक्षण सामग्री और रहन-सहन के खर्चे के रूप में 11वी व 12वीं के लिए एक लाख रुपए व ग्रेजुएशन के लिए 2 लाख रुपए का खर्च राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।

व्यावसायिक/प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अधिकतम 2 लाख रु

मेधावी बालिकाओं को कक्षा 11 व 12, व्यवसायिक शिक्षा में पढ़ने के लिए पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफार्म आदि के लिए 15 हजार रुपए एक मुश्त दिए जाएंगे। यह राशि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक की ओर से बालिका के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। कक्षा 11 व 12, व्यवसायिक शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कोचिंग-छात्रावास शुल्क आदि के लिए अधिकतम 1 लाख रुपए का भुगतान संबंधित संस्था के बैंक खाते में किया जाएगा। 12वीं के बाद व्यवसायिक/स्नातकोत्तर तक की शिक्षा के लिए पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी आदि के लिए एक मुश्त 25 हजार रुपए वार्षिक दिए जाएंगे। व्यवसायिक शिक्षण संस्थाओं में स्नातकोत्तर तक की शिक्षा के लिए जरूरी सभी शुल्क, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी आदि के लिए अधिकतम 2 लाख रुपए प्रतिवर्ष संबंधित संस्था के बैंक खाते में राशि दी जाएगी। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने व गरीब लड़कियां जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में यह योजना कारगर साबित होगी।

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