महिला दिवस पर विशेष:आत्मनिर्भर और सशक्त बनकर परचम पहरा रही हैं जिले की महिलाएं

करौली9 महीने पहले
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  • महिला दिवस पर विशेष : शिक्षित होने के साथ महिलाओं में कुछ नया करने का है जज्बा, सामाजिक कार्यों में ले रही भाग

हिंडौन आज की नारी, पूरे जोश व जुनूनी जज्बे के दम पर पुरुषों के मुकाबले अग्रणी भूमिका में भी हैं। करौली की ऐसी ही महिलाएं, जिन्होंने संघर्ष व कडी मेहनत के बल पर कामयाबी को छुआ है। आज महिलाएं समाज में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर बढ रही हैं। फिर चाहे चिकित्सा का क्षेत्र हो या शिक्षा। साेमवार को महिला दिवस पर भास्कर ने जाना कि महिलाएं कैसे समाज में अपना सहयोग कर रही है।

पति को पढ़ाकर नौकरी की मंजिल तक पहुंचाया सीमा ने

घर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। पति भी मेहनत मजदूरी कर थोड़ा पैसा जुटा पाते थे। इसके बाद 2019 में सीमा बंशीवाल आजीविका मिशन द्वारा संचालित स्वयंसहायता समूह से जुड़ी। ब्लॉक इंचार्ज दिगम्बर सिंह ने बताया कि सीमा बंशीवाल ने 12 महिलाओं को जोड़कर एक समूह बनाया और उसमें समूह का लेनदेन का काम शुरु किया। समूह टीम पूरी होने पर 15 हजार रुपए की सहायता मिली और बचत भी आने लगी।

समाज और महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत नर्स गरिमा शर्मा

जिला अस्पताल में नर्सिंग कर्मचारी गरिमा शर्मा, समाज और महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। करौली जिला अस्पताल के नवीन मातृ शिशु इकाई में मदर मिल्क बैंक की शुरुआत हुई। इस मदर मिल्क बैंक के जरिए दूध उपलब्ध कराने के लिए गरिमा शर्मा ने महिलाओं को जागरूक किया। उनसे दूध दान करवाकर नवजातों को एक नई जिंदगी दी है। अब तक 1794 महिलाओं को जागरूक कर 1027980 एमएम डोनेशन कराया।

नौकरी के साथ महिलाओं के उत्थान में जुटी टीनू सोगरवाल

करौली जिला मुख्यालय पर यातायात प्रभारी पद पर कार्यरत सब इंस्पेक्टर टीनू सोगरवाल ने शहर की यातायात व्यवस्था को तो दुरुस्त कर ही रखा है, साथ ही गृहस्थ कामकाज भी संभालती हैं। यहां से पहले इन्होंने धौलपुर जिले में रहकर कई इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर धूल चटाने का काम किया। महिला व छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया है। नौकरी में रहते हुए परिवार में जिम्मेदारियों को निभा रही हैं।

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