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जायजा:सोप पंप हाउस का काम अंतिम चरण में, जल्द शुरू होगी पेयजल सप्लाई

करौली12 दिन पहले
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  • चंबल परियोजना के अधीशासी अभियंता ने चंबल के कार्य का लिया जायजा

कस्बा शहर चंबलपरियोजना के पानी से वंचित दर्जनों गांवो मे जलापूर्ति के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा ठेका कंपनी के कार्मिक दिन रात जुटे हुए है। परियोजना के अधिशाषी अभियंता आशाराम मीना ने सोप पंप हाउस के चल रहे कार्य का निरीक्षण कर संबंधित ठेका कंपनी के राधेश्याम विहानी व परियोजना के अभियंता के.जी.गुप्ता, अखलेश मीना आदि को सोमवार तक पंप हाउस को चालू कराने के निर्देश दिए।सहायक अभियंता के.जी.गुप्ता ने बताया कि नादौती व व्यास का डाबरा पंपग्रह से दो दर्जन से अधिक गांवों मंे परियोजना के तहत चंबलपरियोजना का पानी पहुंचा दिया गया है।

वहीं सोप पंप हाउस पर सतही जलाशय को भरने के लिए वाल्व, पाइप आदि फीटिंग का कार्य किया जा रहा है।अन्य अधिकतर कार्य पूरे कर लिए गए हैं। शीघ्र ही पंप हाउस से जुड़े गांवों के उच्च जलाशयों मे पानी पहुंचाकर जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि परियोजना का कार्य निर्धारित समय मे शीघ्र पूरा होने के आसार है। इसके लिए परियोजना के अभियंताओं की टीम के अलावा कंपनी के ठेकेदार व कार्मिक व दो दर्जन से अधिक मजदूर सहित तीन दर्जन से अधिक सदस्य दिन रात जुटे कार्मिक इस कार्य को गति देने मंे जुटे हुए हैं।

अभियंता गुप्ता ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत मुख्यालय सहित सिंकदरपुर, बाड़ाबाजिदपुर, इब्राहिमपुर, भीलापाड़ा, ढहरिया, बालाहेड़ा, रिंगसपुरा, गोटयाकापुरा, आधियां खेड़ा, मालूपाड़ा, कैमरी, बाढकैमरी, बड़ागांव, नयापुरा, अलूदा, सलावद, मिलकसराय, सोप, लहावद, कैमा, शहर सहित करीब दो दर्जन गांवो मे गत दिनों चंबलपरियोजना के पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।कोरोना के चलते कार्य मंेहुआ व्यवधान विहानी कंस्ट्रेक्शन प्रा.लिमिटेड निदेश राजेंद्र विहानी सहित आधा दर्जन से अधिक कार्मिक कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके है।

कंपनी के राधेश्याम विहानी, शंभू सिहं व भवानी सिहं ने बताया कि लाँकडाउन के चलते दुकाने बंद है इसलिये ऐसे मे आवश्यक उपकरण उपलब्ध नही हो पा रहे है ऐसे मे एक पखबाड़े से आंक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नही होने से बैल्डिंग का कार्य बाधित रहा। विधायक पी.आर.मीणा के प्रयासों से सिलेंडर उपलब्ध होने पर कार्य गति पकड़ गया हैृ। एक कारण यह भी है कि माड़ क्षेत्र की काली चिकनी मिट्टी होने की वजह से कार्य में बाधा बनी रहती है। परियोजना के अधीशाषी अभियंता आशाराम मीना ने कहा परिस्थिति कितनी ही विषम क्यों न हो, लेकिन कार्य की गति को कम नहीं होने देंगे।

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