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कार्यप्रणाली संदेह:नहर में गंदगी के मामले ने तूल पकड़ा, अफसरों की कार्यप्रणाली संदेह में

खंडार2 दिन पहले
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विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर राष्ट्रीय अभयारण्य के गिलाईसागर बांध की नहर में 5 वर्ष से गंदगी के मामले ने तीसरे दिन मंगलवार को तूल पकड़ लिया है। इस मामले में किसानों और ग्रामीणों के बाद भाजपा और कांग्रेस के नेता भी अब सामने आ गए हैं और वह इस गंभीर समस्या पर राजनीति से हटकर खुलकर अपना पक्ष रख रहे हैं तथा नहर की इस बदहाल हालत के लिए सीधे तौर पर सिचाई विभाग के अफसरों को दोषी ठहरा रहे हैं। दूसरी ओर करोड़ों रुपए का खर्चा करने के बाद सिचाई विभाग के अफसरों ने इसकी साफ सफाई के नाम पर हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में इस नहर से गंदगी साफ होना टेडी खीर हो गया है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष बोले- नहर से उठ रही सड़ांध, अफसर नदारद, किससे करें शिकायत

गंगाशंकर शर्मा अध्यक्ष भाजपा मंडल खंडार का कहना है कि नहर गंदगी से भरी पड़ी है और वह सड़ रही है। इससे किसानों के खेत और फसलें दोनों खराब हो रहे हैं तथा सरेआम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार और सिचाई विभाग के अफसरों ने पूरी तरह से आंख मूंद रखी है। शिकायत करने के लिए जनता को मुख्यालय पर सिचाई अफसर नहीं मिल रहे हैं। नहर एवं बांधों के रखरखाव के नाम पर ठेकेदार एवं अधिकारियों द्वारा लाखों रुपए उठाए जा रहे है लेकिन मौके पर कोई कार्य नहीं हो रहा है।

...तो आ सकता है घटिया निर्माण का सच बाहर पारस जैन मीडिया प्रभारी कांग्रेस का कहना है कि यह मामला हाई लेवल का है। करीब 7 वर्ष पूर्व निर्माण कार्य के दौरान खंडार दौरे पर पहुंची तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एवं सिचाई मंत्री सांवर मल जाट को जनता ने अवगत कराते हुए करीब 4 करोड़ की लागत से हो रहे बांध एवं नहर के घटिया निर्माण की शिकायत की थी, जिसपर उच्चाधिकारियों को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे। लेकिन आला अधिकारियों ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डालकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली थी। अगर इसकी पूरी तरह से साफ सफाई हो जाए तो पूर्व में हुए करोड़ों रुपए के घटिया निर्माण का पूरा सच सामने आ सकता है।

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