एंबुलेंस की मांग:महवा स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस नहीं होने से दिक्कत, रिक्शा का उपयोग

दौसाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • शिविर में चालीस महिलाओं की नसबंदी, आवाजाही में आई दिक्कत

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को परिवार कल्याण नियोजन के तत्वाधान में नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 50 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया। जांच के दौरान 47 महिलाओं को ऑपरेशन योग्य मानकर उनकी नसबंदी की गई। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में महिलाएं व उनके परिजन मौजूद रहे। नसबंदी शिविर में एंबुलेंस के अभाव को लेकर नसबंदी के लिए आई महिलाओं, उनके परिजनों व आशा सहयोगिनियों का गुस्सा साफ तौर पर नजर आया। जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पताल में प्रत्येक सोमवार को परिवार कल्याण नियोजन के अंतर्गत आयोजित किए जाने वाले नसबंदी शिविर में नसबंदी करवाने वाली महिलाओं को एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाती, ऐसे में उन्हें भारी परेशानी से जूझना पड़ता है।

सोमवार को रामगढ़ की आशा सहयोगिनी वंदना शर्मा ने बताया कि चिकित्सा विभाग के दबाव में आकर वे क्षेत्र की महिलाओं को नसबंदी करवाने के लिए प्रेरित कर उसे अस्पताल के शिविर तक पहुंचाती है। लेकिन उन्हें नसबंदी के बाद वापस घर तक छोड़ने के लिए एंबुलेंस जैसी सुविधा नहीं मिल पाती। मजबूरन नसबंदी करवाने वाली महिलाओं के परिजन प्राइवेट वाहन वालों को किराए पर लेकर घर पहुंचाते हैं। जिससे महिलाओं का प्रति वाहन 400 से 500 तक का खर्चा वहन करना पड़ता है। जबकि नसबंदी करवाने अधिकतर महिलाएं राज्य सरकार से दी जाने वाली 1400 रुपए की प्रोत्साहन राशि के की उम्मीद में नसबंदी शिविर तक पहुंचती है। लेकिन उन्हें राज्य सरकार की एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाती। नसबंदी शिविर में 50 महिलाओं का नसबंदी के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया।

खबरें और भी हैं...