कोविड असर:जिले के 1309 आंगनबाड़ी केंद्रों के 1 लाख 32 हजार 832 बच्चों का अक्षर ज्ञान 18 महीने से प्रभावित

नारौली2 महीने पहले
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  • पांच साल तक के बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा व अक्षर ज्ञान देना बंद

राजकुमार मीना | कोरोना वैश्विक महामारी के कारण 18 महीने से जिलेभर के 1309 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की किलकारियां नहीं गूंजी है। बच्चों को केंद्र पर मिलने वाला अक्षर ज्ञान नहीं मिलने से वे प्रभावित हुए हैं। भूख एवं कुपोषण से निपटने के लिए एकीकृत बाल विकास सेवा कार्यक्रम के रूप में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित करने की योजना अमल में लाई गई थी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के बुनियादी स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले केंद्रों पर पिछले 18 महीने से कोरोना की मार पड़ी हुई है। केंद्र पर मिलने वाला पकाया पौष्टिक आहार के साथ ही शुरुआती अक्षर ज्ञान भी 18 माह से बंद है। बच्चों को घर पर ही पोषाहार के रूप में खाद्यान्न दिया जा रहा है। लॉकडाउन के बाद से ही आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए लॉक किए जाने के बाद नौनिहालों का शुरुआती अक्षर ज्ञान भी लॉक हो गया है। 18 माह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर रौनक नहीं है।

हालांकि सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों को मिलने वाला खाद्यान्न अभिभावकों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित किया गया है, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा के साथ-साथ शुरुआती अक्षर ज्ञान देना और उनके स्वास्थ्य की देखभाल करना फिलहाल पूरा नहीं हो पा रहा है।ब्लॉक वाइज केंद्र और लाभान्वित बच्चों की स्थितिब्लॉक केंद्र बच्चेसपोटरा 176 13500मण्डरायल 98 10000टोडाभीम 227 24550नादौती 124 7438हिण्डौन 334 38505करौली 350 38839जिले में कुल 1309 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 1 लाख 32 हजार 832 बच्चे नामांकित हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत ब्लॉक में 3 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को केंद्र पर विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।

इनके अलावा 7 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को भी घर पर ही पोषाहार दिया जाता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण करीब 18 माह से केंद्र पर बच्चों के आने पर रोक के कारण केंद्र पर होने वाली गतिविधियां बंद हैं। विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों को खेल-खेल में अक्षर ज्ञान व अन्य गतिविधियों के लिए वीडियो भी जारी किए हैं। जिनको आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से केंद्र पर नामांकित बालकों के अभिभावकों तक भेजकर बच्चों को लाभान्वित करने की योजना है।नियमानुसार पोषाहार वितरण किया जा रहा हैमहिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी जोगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभागीय नियमानुसार पोषाहार वितरण किया जा रहा है।

बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से जानकारी देने के लिए विभाग से कुछ वीडियो आए हैं जो कार्यकर्ता के माध्यम से एन्ड्रॉयड मोबाइल वाले बच्चों के अभिभावकों तक पहुंचा रहे हैं, जिससे उनके बच्चे लाभान्वित हो सके।आदेश मिलते ही बच्चों को बुला लिया जाएगा^जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को बुलाने के लिए सरकार के अभी कोई आदेश नहीं मिले हैं। जैसे ही आदेश मिल जाएंगे तो पांच साल तक बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुलाया जाएगा।हिम्मत सिंह, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, करौली

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