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डॉक्टरों का ‘दर्द’ कब सुनेगी सरकार:कोरोना में 11 डॉक्टर्स की मौत हुई, पर 15 हजार डॉक्टरों को नहीं मिला कैडर

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी
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कोरोनाकाल के दाैरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले 11 से ज्यादा डॉक्टर पहले तो खुद संक्रमित हुए, फिर मौत का शिकार हो गए। - Dainik Bhaskar
कोरोनाकाल के दाैरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले 11 से ज्यादा डॉक्टर पहले तो खुद संक्रमित हुए, फिर मौत का शिकार हो गए।
  • हर बार आश्वासन देकर भूल जाती हैं सरकारें, 11 जुलाई 2011 को पहली बार हुआ था समझौता, 10 साल में 3 बार हो चुका समझौता

कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में सेवा देने वाले 15 हजार डॉक्टरों को पिछले 10 साल से कैडर का इंतजार है। कोरोनाकाल के दाैरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले 11 से ज्यादा डॉक्टर पहले तो खुद संक्रमित हुए, फिर मौत का शिकार हो गए।

मौसमी बीमारी स्वाइन फ्लू, जीका वायरस, कांगो फीवर और कोरोना हो या किसी तरह का सर्वे। स्क्रीनिंग होने पर डॉक्टर 24 घंटे सातों दिन सेवाएं देने में दिन-रात लगे रहते हैं। फिर भी डॉक्टरों के दर्द को सुनने वाला कोई नहीं है। सरकारें सिर्फ आश्वासन देकर भूल जाती हैं।

एक जुलाई को डॉक्टर्स दिवस, राज्य सरकार से तोहफे की उम्मीद

कांग्रेस सरकार ने जिस तरह सालों से लंबित फार्मासिस्ट और नर्सेज का कैडर बनाया, उसी तरह एक जुलाई को डॉक्टर्स दिवस पर सरकार डॉक्टरों को तोहफा दे सकती है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग का इंजीनियर कमिश्नर बन सकता है, डॉक्टर क्यों नहीं

सार्वजनिक निर्माण विभाग का इंजीनियर कैडर के तहत कमिश्नर बन सकता है। सरकार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के लिए इस तरह का कैडर बनाना चाहिए। साथ ही डायरेक्टर जनरल ऑफ मेडिकल हैल्थ एंड सर्विसेज कम सेक्रेट्री का पद स्वीकृत कर डॉक्टर को ही लगाना चाहिए।

कब-कब समझौता : सरकार के साथ अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ का 11 जुलाई 2011, फिर 12 नवंबर 2017 और 27 दिसंबर 2017 को तीन बार समझौता हो चुका है। जुलाई 2011 में तो समझौता मंत्रिमंडलीय उपसमिति के सदस्यों के साथ हुआ था। डॉक्टरों को उम्मीद है कि अब कैडर मिलेगा।

चिकित्सकों के कैडर की लंबे समय से मांग लंबित है। कैडर बनाने काे लेकर समिति की मीटिंग हो चुकी थी, लेकिन कुछ बिंदुओं को लेकर सहमति नहीं बनी। इस वजह से मामला अटक गया था। अब प्रस्तावित कैडर बनाकर सरकार के पास भेजा गया है। सरकार परीक्षण के बाद लागू करेगी।
- डॉ. केके शर्मा, निदेशक (जन स्वास्थ्य)

सरकार के साथ होने वाले समझौते को 10 साल पूरे होने को है। सरकार चाहे तो प्रदेश के 15 हजार डॉक्टरों को कैडर का तोहफा दे सकती है। कोरोना के दौरान मरीजों की सेवा के दौरान कुछ साथियों के हमें छोड़कर जाने पर दुख है। संघ की ओर से सरकार को भेजे गए प्रस्ताव को तोड़-मरोड़कर लागू नहीं करें। इससे मूल भावना को ठेस पहुंचेगी

- डॉ. अजय चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ

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