आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज का मामला:रैगिंग मामले में एमबीबीएस सैकंड ईयर के 11 विद्यार्थी 6 माह के लिए निलंबित

जयपुर11 दिन पहले
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आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के एमबीबीएस सैकंड ईयर के  विद्यार्थियों का रैगिंग लेना भारी पड़ा। - Dainik Bhaskar
आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के एमबीबीएस सैकंड ईयर के  विद्यार्थियों का रैगिंग लेना भारी पड़ा।

आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के एमबीबीएस सैकंड ईयर के विद्यार्थियों का रैगिंग लेना भारी पड़ा। कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कमेटी की बैठक कर 11 विद्यार्थियों को जांच में दोषी माना है। दोषी विद्यार्थियों को 6 माह के लिए कॉलेज से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही हर विद्यार्थी पर 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

जांच में दोषी पाए जाने पर न तो हॉस्टल खाली किया और ना ही लिखित में देने से मना कर दिया। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती करते हुए अब हॉस्टल भी खाली करवाया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छोटी-मोटी शिकायत तो मिलती रहती है। लेकिन राज्य राज्य में एक साथ 11 विद्यार्थियों का छह माह के लिए निलंबन और 60-60 हजार रुपए जुर्माने लगाने का पहला मामला है।

स्टूडेंट ने रैगिंग कमेटी के पोर्टल पर की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार 13 नवंबर को रैगिंग कमेटी के पोर्टल पर कॉलेज के एक अज्ञात विद्यार्थी ने 11 के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। जिसमें गाली गलौच व मारपीट की शिकायत की थी। शिकायत में पानी मंगवाने के साथ ही अन्य हरकतें करवाने की नामजद शिकायत दर्ज की। विवि प्रशासन ने 15 नवंबर को जांच के लिए कमेटी गठित कर छात्रों से पूछताछ के बाद दोषी पाए जाने पर निलंबित करने का निर्णय लिया। और 24 नवंबर को निलंबित के साथ जुर्माना लगाया।

8 और विद्यार्थियों की जांच जारी: प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार आठ और विद्यार्थियों के खिलाफ जांच जारी है। जिनकी भी छात्रों ने परेशान करने की शिकायत की है।

आगे क्या: विद्यार्थियों का कोर्स के समय की अवधि बढ़ने के साथ ही उनके भविष्य पर दाग लग गया। इन्हें कॉलेज परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। और छात्रावास से भी निलंबित किया है।

रैगिंग लेने का ‘साइड इफेक्ट’: छह माह तक कॉलेज की किसी भी तरह की गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे। सैकंड ईयर की परीक्षा भी नहीं दे सकेंगे। और ना ही किसी तरह की छात्रवृत्ति या स्कॉलरशिप मिलेगी। छह माह कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले माता-पिता से भविष्य में इस तरह की रैगिंग नहीं लेने का शपथ पत्र भी लिया जाएगा।

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