खतरे में बेटियों की सुरक्षा:1 साल में सरकारी स्कूलों में दुष्कर्म के 13 केस, 6 मामले पिछले दो माह में, सजा एक में भी नहीं

जयपुर/अलवरएक वर्ष पहले
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सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों- घर, हॉस्पिटल, ऑफिस और अब स्कूल में भी बेटियां दरिंदगी का शिकार हो रही हैं। - Dainik Bhaskar
सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों- घर, हॉस्पिटल, ऑफिस और अब स्कूल में भी बेटियां दरिंदगी का शिकार हो रही हैं।

अलवर के बहरोड़ में 10वीं की छात्रा से प्रिंसिपल व 3 शिक्षकों का एक साल तक दुष्कर्म करना और दो शिक्षिकाओं का इसका वीडियो बनाना, बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। क्योंकि सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों- घर, हॉस्पिटल, ऑफिस और अब स्कूल में भी बेटियां दरिंदगी का शिकार हो रही हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि पिछले एक साल में 1 साल में सरकारी स्कूल में दुष्कर्म के 13 केस आए हैं। इन सभी में आरोपी शिक्षक हैं।

कई में तो शिक्षिकाओं ने भी साथ दिया। हालांकि इनमें से सजा अब तक एक को भी नहीं हुई। प्रदेश में दुष्कर्म की जितनी घटनाएं रिपोर्ट होती हैं, उनमें से 24% में पीड़िता नाबालिग हैं। यानी हर चाैथा दुष्कर्म 18 साल से कम उम्र की बेटी से होता है। इधर, अलवर दुष्कर्म केस की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई।

कानूनविद बोले, सभी अनुशासन व सख्ती बरतें तो जल्द होंगे पॉक्सो के लंबित मामलों में फैसले प्रदेशभर की पॉक्सो कोर्ट में करीब 7000 केस लंबित चल रहे हैं। इन केसों में जल्द फैसले के लिए ट्रायल जारी है। पॉक्सो मामलों में जल्द फैसले के लिए कानूनविदों का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के अनुसार ही ट्रायल सहित अन्य प्रक्रिया हो जाए तो पॉक्सो मामलों में फैसले जल्द हो सकते हैं।

  • पूर्व जिला व सेशन न्यायाधीश व पॉक्साे कोर्ट के पूर्व विशेष जज डॉ. एलडी किराडू का कहना है कि पॉक्सो मामलों में कोर्ट सहित अभियोजन व बचाव पक्ष को भी अनुशासन व सख्ती बरतनी चाहिए। पॉक्सो एक्ट में तय किया है कि छह महीने की अवधि में इन केसों में फैसले हो जाएं। यदि एक्ट के तहत भी केस की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाए तो भी इन केसों में फैसले जल्द होंगे।
  • आपराधिक केसों के अधिवक्ता दीपक चौहान का कहना है कि पॉक्सो मामलाें में फैसले जल्द होने चाहिए, लेकिन जल्दबाजी के कारण किसी बेगुनाह के साथ अन्याय नहीं हो।
  • जयपुर जिले की पॉक्सो कोर्ट की विशेष लोक अभियोजक विजया पारीक का कहना है कि अभियोजन की ओर से पाॅक्सो केसों की ट्रायल जल्द करवाने में पूरा सहयोग किया जाता है और पीड़िता के मेडिकल जांच, डीएनए व एफएसएल की रिपोर्ट को भी जल्द से जल्द कोर्ट में पेश की जाती है, ताकि निर्णय हो सके।
  • पॉक्सो मामलों के विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किसनावत का कहते हैं कि इन मामलों को केस ऑफिसर स्कीम में लिया जाए ताकि ट्रायल जल्द हो और हर गवाह को तारीख पेशी पर मौजूद रहने के लिए आईओ को जबावदेह बनाएं।
  • अधिवक्ता विकास सोमानी का कहना है कि सूचीबद्द समय सीमा में न्यायिक प्रक्रिया पूरी करें। अधिवक्ता महावीर सुरेन्द्र जैन का कहना है कि दुष्कर्म व पॉक्सो केसों के लिए अलग से अभियोजन विभाग गठित हो और अनुसंधान के बाद पुलिस भी चालान जल्द पेश करें।

सुरक्षित जगहों पर ही दरिंदगी - 13 केस दर्ज हुए एक साल में स्कूलों में... घर, अस्पताल भी असुरक्षित

एक साल में सरकारी स्कूलाें में यौन शोषण
जिला - केस
भीलवाड़ा - 3
झुंझुनूं - 3
दौसा - 1
हनुमानगढ़ - 1
सीकर - 1
राजसमंद - 1
जयपुर - 1
जालोर - 1
जोधपुर - 1

  • इन सभी मामलों में शिक्षा विभाग ने आरोपियों को सस्पेंड किया। कई गिरफ्तार हुए।

अपनों से ही है बेटियों को खतरा- 95% मामलों में आरोपी परिचित, 52% में तो पड़ोसी

इसलिए दुष्कर्म में राजस्थान नं. 1- 5877 केस दर्ज हुए इस साल, 2020 की तुलना में 979 अधिक

पुलिस का तर्क- एक तिहाई झूठे- 35.7% केस को झूठा मानकर एफआर लागई

6 साल से कम की मासूम भी शिकार

पीड़िता की आयु - दर्ज केस
6 साल तक - 21
6-12 - 64
12-16 - 374
16-18 - 820
18-45 - 3833
45-60 - 225

  • यानी 6-18 साल तक उम्र के पीड़ितों के खिलाफ यौन अपराध के 1279 यानी 24% केस आए। 18 से अधिक उम्र के 4058 केस।

7000 मामले लंबित हैं प्रदेश की पॉक्सो कोर्ट में। इनमें से 655 जयपुर में।

रोज औसतन - 15 दुष्कर्म
कुल केस दर्ज - 5310
अज्ञात आरोपी - 264
परिवार का सदस्य - 721
दोस्त या शादी का झांसा - 1531
पड़ोसी - 2794
आंकड़े 2020 के।

इधर, जयपुर में 5वीं की छात्रा से ज्यादती करने वाले शिक्षक को सात साल की कैद कोटपूतली के सरकारी स्कूल में 5वीं की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले शिक्षक प्रेमचंद को कोर्ट ने 7 साल की कैद सुनाई। मामला 2018 का है। कोर्ट ने कहा- अध्यापक-छात्र के रिश्ते को कलंकित किया गया।

भास्कर अपील... सभी परिजनों से
हाेमवर्क पूछते हैं, हाल भी पूछिए बच्चे का…
सुरक्षित समझे जाने वाले स्थानों पर भी बच्चों के साथ गलत हरकत होने की घटनाएं हमारे सामने हैं। वक्त आ गया है कि बच्चे से होमवर्क पूछने के साथ-साथ यह भी पूछें कि कोई अपना या अनजाना गलत तरीके से बात करने या छूने जैसी हरकत तो नहीं कर रहा। उसे प्रोत्साहित कीजिए कि अच्छी-बुरी हर बात आपसे शेयर करे। कोई भी ऐसी बात बच्चा बताए तो इंतजार मत कीजिए, तुरंत हरकत में आइए।

अलवर में पीड़िता का मेडिकल कराने से इनकार
अलवर के मांढ़ण थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल व 3 शिक्षकों ने 10वीं की छात्रा से गैंगरेप किया था। दो शिक्षिकाओं ने इसका वीडियो बनाया। बुधवार को जांच एसआईटी को सौंप दी गई। वहीं एसपी ने बताया कि परिजनों ने मेडिकल कराने से इनकार किया है।