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राजस्थान दिवस पर सरकार की पहल:प्रदेश की जेलों में बंद 1349 कैदियों को समय से पहले किया रिहा, बैंड बाजे के साथ जेल से बाहर लाकर दिया उपहार

जयपुरएक महीने पहले
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जयपुर में मंगलवार को सेंट्रल जेल से रिहा होकर बाहर आते बंदी। रविवार को प्रदेश के गृह विभाग ने जारी किए थे रिहाई के आदेश - Dainik Bhaskar
जयपुर में मंगलवार को सेंट्रल जेल से रिहा होकर बाहर आते बंदी। रविवार को प्रदेश के गृह विभाग ने जारी किए थे रिहाई के आदेश
  • राजस्थान के जेल महकमे के डीजी राजीव दासोत ने सीएम गहलोत को भिजवाया था प्रस्ताव
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हरी झंडी देने पर गृह विभाग ने जारी किए रिहाई के आदेश

राजस्थान दिवस के अवसर पर आज 30 मार्च को राज्य की जेलों में सजा भुगत रहे 1349 कैदियों को समय से पहले रिहा कर दिया गया। राजस्थान के जेल महकमे मुखिया डीजी राजीव दासोत के प्रस्ताव पर विचार करते हुए गहलोत सरकार ने यह संवेदनशील फैसला लिया। इस संबंध में गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव से भी चर्चा की गई। इसके बाद रविवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया।

इसी कड़ी में जयपुर जेल में उपहार देकर बैंड बाजे की धुन के साथ सलाखों में बंद कैदियों को रिहा किया गया। इस अवसर पर डीजी जेल राजीव दासोत, एडीजी जेल मालिनी अग्रवाल, जेल अधीक्षक राकेश मोहन शर्मा सहित जेल महकमे के आला अधिकारी मौजूद रहे। डीजी राजीव दासोत ने बताया कि प्रदेशभर की जिला जेलों में समय से पहले रिहा किए गए सजायाफ्ता बंदियों में ऐसे बंदी है जिन्होंने 14 वर्ष की वास्तविक सजा काट ली है। इसके अलावा अच्छे व्यवहार के कारण ढाई वर्ष का परिहार (रेमीशन) भी अर्जित किया है।

बैंड बाजे की धुन पर जेल में बंद कैदियों को रिहा कर बाहर लाया गया
बैंड बाजे की धुन पर जेल में बंद कैदियों को रिहा कर बाहर लाया गया

इसके अलावा कुछ और बंदी ऐसे भी है जो 70 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके है तथा एक तिहाई सजा सजा भी काट चुके हैं। इसके अलावा जेल में कुछ बंदी ऐसे भी है जो आजीवन कारावास से कम सजा से दण्डित है तथा दो तिहाई सजा काट चुके है तथा उनका आचरण भी अच्छा है, उनको भी रिहा किया जायेगा।

जेल से रिहा हुए बंदियों को बैंड बाजे के साथ जेल महानिदेशालय लाया गया
केन्द्रीय कारागृह, एवं जिला कारागृह से रिहा हुए सभी कैदियों को बैण्डबाजे के साथ जेल से महानिदेशालय कार्यालय लाया गया। यहां पर इनकी विदाई का कोविड-19 के कारण सादा एवं संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां डीजी दासोत ने इन कैदियों के हाथों महानिदेशालय के नव-निर्मित बाहरी प्रवेश द्वार का उद्घाटन करवाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजी दासोत ने 1349 की विशाल संख्या में कैदियों को रिहा करने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कैदियों को उनके भावी जीवन की शुभकामनाएं देते हुए दोबारा अपराध जगत की ओर अग्रसर नहीं होने की सलाह दी।

इन 28 अपराधों में बंद अपराधियों को नहीं मिलेगी समय से पहले रिहाई
एडीजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि 28 प्रकार के गंभीर अपराधों में यथा-बलात्कार, ऑनर किलिंग, मॉब लीचिंग, पॉक्सो एक्ट, तेजाब डालने से संबंधित अपराध, आर्ट्स एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, एनडीपीएस एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, गोवंश अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम आदि श्रेणियों के बंदियों को इस योजना के अन्तर्गत रिहा नहीं किया जायेगी।

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