राहत की खबर:काम पर लौट सकेंगी 15000 महिलाएं, जागृति पोर्टल दिलाएगा जाॅब

जयपुर19 दिन पहलेलेखक: लता खण्डेलवाल
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महिला एवं बाल विकास विभाग निजी क्षेत्र के सहयोग से पोर्टल जाग्रति के जरिए महिलाओं को जाॅब दिलाएगा। - Dainik Bhaskar
महिला एवं बाल विकास विभाग निजी क्षेत्र के सहयोग से पोर्टल जाग्रति के जरिए महिलाओं को जाॅब दिलाएगा।

राज्य की उन 15000 महिलाओं के लिए खुशखबरी है, जिनकी जाॅब कोरोना के दौरान चली गई, जिन्हें घर संभालने के लिए नौकरी छोड़नी पड़ी या व्यावसायिक दक्षता के बावजूद शादी के बाद जॉब नहीं कर पाईं। इन महिलाओं को पोर्टल जागृति मौका देगा। महिला एवं बाल विकास विभाग इन्हें निजी क्षेत्र के सहयोग से पोर्टल जाग्रति के जरिए जाॅब दिलाएगा।

इसके लिए विभाग ने ‘जाॅब्स फाेर हर फाउंडेशन’ के साथ एमओयू किया है। इस एनजीओ के साथ पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘जाग्रति बैक टू वर्क’ योजना शुरू की जा रही है। इस में गैर सरकारी संस्थाएं अपने सीएसआर के अंतर्गत जुड़ सकेंगी। विभाग इन्हें ईओएल जारी कर इस योजना से जोड़ेगा।

योग्यता के आधार पर होगा चयन, फिर मिलेगा प्रशिक्षण
जॉब के लिए महिलाओं को पोर्टल जाग्रति पर अप्लाई करना होगा। फाउंडेशन आवेदनों को चिह्नित कर निजी सेक्टर की सीएसआर संस्था को भेजेगा। वहां योग्यता के अनुसार चयन होगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही इस योजना में 3 साल में 15000 महिलाओं को फिर से नौकरी मिल सकेगी। सीएसआर संस्था प्रशिक्षण, सेमिनार, वेबिनार, नेटवर्किंग कार्यक्रम आदि के जरिए चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण देकर जाॅब से जोड़ेगी।

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