7191 केस लंबित / हाईकोर्ट में 3 माह में 164 नए अवमानना केस दायर, फरवरी में 296 थे

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  • लॉकडाउन के 3 महीने में कम हुई अदालती आदेशों की अवमानना

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

जयपुर. (संजीव शर्मा) कोविड-19 के संक्रमण के चलते मार्च से मई के लॉकडाउन के तीन महीनों में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ व जोधपुर मुख्यपीठ में अवमानना के केवल 164 नए केस दायर हुए। जयपुर पीठ में 64 व जोधपुर मुख्यपीठ में 100 अवमानना याचिकाएं दायर हुईं। यह आंकड़ा फरवरी में जयपुर व जोधपुर में दायर नए 296 अवमानना केसों से काफी कम रहा।

फरवरी महीने में जयपुर में 171 व जोधपुर में 125 अवमानना के नए केस दायर हुए थे। फरवरी में जयपुर ने 119 व जोधपुर ने 117 केसों का निपटारा भी किया। लॉकडाउन के दौरान हाईकोर्ट में कम अवमानना याचिकाएं आने की मुख्य वजह कोर्ट द्वारा केसों में नियमित सुनवाई नहीं होना रहा। अवमानना केसों में मुख्य तौर पर राज्य व केन्द्र की भर्तियों, कर्मचारियों की नियुक्तियों, पेंशन व सेवा नियमों व अन्य सेवा परिलाभ के हैं।

3 साल में 61% बढ़े अवमानना केस

हाईकोर्ट में लंबित अवमानना केसों की बात करें तो पिछले तीन साल के दौरान इन केसों में करीब 61 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। मई 2017 में जयपुर पीठ में अवमानना के 2521 केस व जोधपुर मुख्यपीठ में 1887 केस लंबित थे। दोनों पीठों में कुल 4408 केस लंबित थे। जबकि मई 2020 तक जयपुर व जोधपुर मुख्य पीठ में कुल 7191 केस लंबित थे। इनमें से जयपुर पीठ में 3937 व जोधपुर पीठ में 3254 केस लंबित थे।

लंबित क्यों? एडवोकेट प्रहलाद शर्मा, आरपी सैनी, प्रेमचंद देवंदा, विकास सोमानी बताते हैं- केसों में नोटिस की तामील में देरी व समय पर ओआईसी की नियुक्ति नहीं होना वजह है।

कैसे निबटें? एडवोकेट दीपक चौहान बताते हैं- संबंधित विभाग के अफसर  अदालती आदेशों की पालना के लिए गंभीर रहें। विभाग के पैरोकार भी केसों में अनावश्यक तारीख नहीं लें।

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