कोराेना का बैरियर टूटा:जयपुर में 30 नए मरीज मिले; रामगंज से बाहर 17 पॉजिटिव, मानसरोवर में डॉक्टर और कोटपूतली में युवक संक्रमित

जयपुर3 वर्ष पहले
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जयपुर में बुधवार को बीते दिन की तुलना में 53 मरीज कम मिले थे। रामगंज में स्क्रीनिंग और सैंपलिंग दोगुनी हो गई थी। इससे उम्मीद थी कि कोरोना को परकोटे में घेरकर ही खत्म किया जा सकता है, लेकिन अब चिंताएं बढ़ गई हैं। - Dainik Bhaskar
जयपुर में बुधवार को बीते दिन की तुलना में 53 मरीज कम मिले थे। रामगंज में स्क्रीनिंग और सैंपलिंग दोगुनी हो गई थी। इससे उम्मीद थी कि कोरोना को परकोटे में घेरकर ही खत्म किया जा सकता है, लेकिन अब चिंताएं बढ़ गई हैं।
  • सोमवार को शहर में 30 नए मरीज मिले, इनमें से 13 रामगंज जबकि 17 बाहर के क्षेत्रों से मिले
  • रामगंज के करीब एक किमी के क्षेत्र को 13 जोन में बांटकर पूरी तरह सील कर दिया गया है

जयपुर में कोराेना का बैरियर टूट गया है। अब तक वायरस का एपिसेंटर रहे रामगंज से बाहर भी अब नए मरीज मिलने लगे हैं। परकोटे से बाहर 12 थाना क्षेत्रों में वायरस पहुंच चुका है। सोमवार को शहर में 30 नए मरीज मिले। इनमें से 13 रामगंज जबकि 17 बाहर के क्षेत्रों से मिले। अब जिले में कुल 483 (इटली का दंपती शामिल नहीं) संक्रमित हो गए है। मानसरोवर के शिप्रा पथ स्थित पटेल मार्ग में एनेस्थीसिया विभाग के सीनियर रेजिडेंट और कोटपूतली में दवा कंपनी में काम करने वाला एक युवक भी पॉजिटिव मिला। सीनियर रेजीडेंट पहले से क्वारैंटाइन चल थे।  वहीं कोटपूतली में पॉजिटिव मिला युवक हरियाणा का रहने वाला है और नीमराना निवासी दोस्त के साथ रहता था। कुछ दिन पहले उसके दोस्त को बुखार आया और दवा खाने के बाद वह सही हो गया, लेकिन बाद में उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने इस युवक की भी तलाश की। अब उसके संपर्क में आए 16 लोगों के भी सैंपल लेकर उन्हें क्वारैंटाइन किया गया है। शास्त्रीनगर में मिले दो कोरोना पॉजिटिव में से एक सब्जी विक्रेता है। इसी बीच लुहारों का खुर्रा की 63 वर्षीय वृद्धा की एसएमएस में मौत हो गई। जयपुर में कोराेना से यह 5वीं मौत, इनमें 3 रामगंज से हैं और तीनों वृद्ध हैं। इसके अलावा आगरा से रैफर होकर आई 13 साल की नाबालिग भी दम तोड़ चुकी है। एसएमएस में भर्ती अलवर निवासी वृद्ध की भी मौत के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

रामगंज में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित एक किलोमीटर क्षेत्र 13 जोन में बांटकर सील

रामंगज क्षेत्र में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित रामगंज की दो चैकड़ियों के करीब एक किमी के क्षेत्र को 13 जोन में बांटकर पूरी तरह सील कर दिया गया है। चार दरवाजा चैक से रामगंज चैपड़, लुहारों के खुर्रा से मोती सिंह भोमियों का रास्ता, ठाकुर पचेवर के रास्ते से होते हुए रामगंज बाजार से धाबाई जी का रास्ता, पानों का दरीबा होते हुए मोती कटला, सुभाष चैक से चार दरवाजा चैक तक के क्षेत्र शामिल है। इस क्षेत्र के 8 हजार घर हैं। सभी जगह घर-घर राशन और अन्य सामान पहुंचाया जाएगा।

एसएमएस : डॉक्टर में संक्रमण के बाद सभी साथी क्वारेंटाइन, खतरा ये कि रेजीडेंट्स के लिए कूलर, बाथरूम सब कॉमन

सीनियर रेजीडेंट में कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल के सभी डॉक्टर्स, रेजीडेंट और अन्य स्टाफ में भय व्याप्त है। उनके संपर्क में आए सभी स्टाफ ने खुद को क्वारेंटाइन कर लिया है। हालांकि सीनियर रेजीडेंट को खुद काफी दिन से इसके लक्षण महसूस हो रहे थे वे क्वारेंटाइन थे। रेेजीडेंट मानसरोवर के पटेल मार्ग में रहते हैं और अब पुलिस ने आसपास के एक किमी के क्षेत्र को सील कर दिया है। एसएमएस की ही एक नर्स और एक वार्ड बॉय पहले भी पॉजिटिव मिल चुके हैं।

  • जार्ड प्रेसीडेंट रामचंद जांगू ने ने मांग उठाई है कि रेजीडेंटस के रहने और क्वारैंटाइन की व्यवस्था कराई जाए। क्योंकि रेजीडेंटस सभी जगह जाते हैं और हॉस्टल में एक ही वाटर कूलर, बाथरूम, कैंटीन, मैस आिद सब कॉमन है। ऐसे में यदि किसी को कोरोना हो जाता है तो बड़ी परेशानी तय है।

जयपुर में बुधवार को बीते दिन की तुलना में 53 मरीज कम मिले थे। रामगंज में स्क्रीनिंग और सैंपलिंग दोगुनी हो गई थी। इससे उम्मीद थी कि कोरोना को परकोटे में घेरकर ही खत्म किया जा सकता है, लेकिन अब चिंताएं बढ़ गई हैं। परकोटे के 7 थाना क्षेत्रों के अलावा अब बाहर के 12 और थाना क्षेत्रों में कोरोना पैर पसार चुका है

जयपुरिया पहुंचे कोरोना पॉजिटिव को भर्ती नहीं किया

जयपुरिया अस्पताल में पहुंचे कोरोना पॉजिटिव को भर्ती नहीं करने का मामला सामने आया है। क्योंकि अस्पताल में जितनी व्यवस्थाएं और तैयारियां पर्याप्त नहीं थी। ऐसे में उन केस को वापस एसएमएस भेज दिया गया। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि अस्पताल में कब तक व्यवस्थाएं सुचारू हो सकेंगी। वहीं मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। जयपुरिया में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की व्यवस्था करने के लिए एक दिन आदेश जारी किए गए। और पूर्व चिकित्सा मंत्री और विधायक कालीचरण सराफ बोले- जयपुरिया में किसी कोरोना मरीज को भर्ती न किया जाए। क्योंकि यहां घनी आबादी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।

ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने कहा कि एक दिन में वे कोरोना को लेकर पूरी तैयारियां कैसे कर सकते थे। लेकिन अब मामला यह भी कि जयपुरिया अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने को लेकर राजनीति शुरू हो गई। तो देखना यह है कि सरकार और चिकित्सा विभाग इसे अपने स्तर पर कैसे निपटाते हैं।

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