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निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी:शहर के 2 बड़े अस्पतालों ने चिपकाए नोटिस- ऑक्सीजन नहीं है; नए मरीज भर्ती नहीं कर पाएंगे, हड़कंप मचा तो प्रशासन ने सप्लाई दी

जयपुरएक महीने पहले
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फोर्टिस और महात्मा गांधी अस्पताल की ओर से जारी ये नोटिस दिनभर वायरल होते रहे। अस्पताल सूत्रों ने माना कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए स्टाफ को नए एडमिशन नहीं करने को कहा था। दोपहर तक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो जाने पर नोटिस हटा लिया गया था। वहीं, प्रशासन का कहना था कि कम ही सही, हम वक्त रहते ऑक्सीजन की सप्लाई सभी अस्पतालों को दे रहे हैं। - Dainik Bhaskar
फोर्टिस और महात्मा गांधी अस्पताल की ओर से जारी ये नोटिस दिनभर वायरल होते रहे। अस्पताल सूत्रों ने माना कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए स्टाफ को नए एडमिशन नहीं करने को कहा था। दोपहर तक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो जाने पर नोटिस हटा लिया गया था। वहीं, प्रशासन का कहना था कि कम ही सही, हम वक्त रहते ऑक्सीजन की सप्लाई सभी अस्पतालों को दे रहे हैं।

कोरोना की दूसरी लहर जानलेवा साबित हो रही है। गुरुवार को 46 मौतें दर्ज की गईं। साथ ही 3440 नए संक्रमित भी सामने आए। वहीं, गांवों की ओर बढ़ते संक्रमण से प्रशासन परेशान है। गोविंदगढ़ में 104 मामले मिलने से हड़कंप मचा है। जयपुर में ऑक्सीजन का संकट सबसे बड़ी समस्या बना है।

ऑक्सीजन सप्लाई का आलम यह है कि शहर के दो बड़े निजी अस्पतालों महात्मा गांधी और फोर्टिस को मजबूरन नए मरीजों को भर्ती नहीं कर पाने का नोटिस जारी करना पड़ा। हालांकि दबाव के चलते प्रशासन ने दोपहर तक दोनों अस्पतालों में सिलेंडर की व्यवस्था करवा दी।

इसके बाद टैंकर आने से भी प्रशासन व्यवस्था सुचारू होने का दावा करने लगा। इनमें से एक अस्पताल में 6 मरीज वेंटिलेटर पर थे और 100 ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। ऐसे में जरा सी भी देरी परेशानी पैदा कर सकती है। आए दिन जयपुर के निजी अस्पतालों से ऑक्सीजन की कम सप्लाई की शिकायतें आ रही हैं। प्रशासन का दावा है कि हम वक्त रहते सप्लाई दे रहे हैं।

शहर के निजी अस्पतालों में पिछले 15 दिन से ऑक्सीजन की किल्लत चल रही है। हालात ये हैं कि सरकार की ओर से 21 अस्पताल कोविड सेंटर से हटाने के बाद भी निजी अस्पतालों में किल्लत हो रही है। भर्ती मरीजों के परिजनों को 24 घंटे में 2-3 बार बोला जाता है कि कभी भी ऑक्सीजन खत्म हो सकती है, इसलिए वे खुद बंदोबस्त करें। ऐसे में मरीज परेशान हो जाते हैं और वे अपने स्तर पर व्यवस्था करने में लग जाते हैं।

हालांकि ऐनवक्त पर अस्पताल को ऑक्सीजन मिल जाती है। बता दें कि राजधानी में अब तक 1 लाख 32 हजार 216 संक्रमित में से 1020 की मौत हो चुकी है। एक्टिव केसेज की संख्या बढ़कर 46 हजार 206 तक पहुंच चुकी है। वहीं, ठीक होने वालों की संख्या 84 हजार 990 है।

कलेक्टर ने कहा- टैंकर लेट था, नोडल अधिकारी नजर रखे थे, वायरल नोटिस पर नोडल अधिकारी बोले- मुझे जानकारी नहीं

फोर्टिस और महात्मा गांधी अस्पताल की ओर से जारी ये नोटिस दिनभर वायरल होते रहे। अस्पताल सूत्रों ने माना कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए स्टाफ को नए एडमिशन नहीं करने को कहा था। दोपहर तक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो जाने पर नोटिस हटा लिया गया था। वहीं, प्रशासन का कहना था कि कम ही सही, हम वक्त रहते ऑक्सीजन की सप्लाई सभी अस्पतालों को दे रहे हैं।

आइए! प्रशासनिक मॉनिटरिंग के सरकारी दावे देखते हैं-

हर अस्पताल में 3 सक्षम अधिकारी लगे हैं, बराबर मॉनिटरिंग की जा रही है : कलेक्टर
फाेर्टिस अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के मामले में कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा का कहना है कि अस्पताल में भिवाड़ी से लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई हाेती है। अस्पताल प्रशासन व नाेडल अधिकारियों से लिक्विड ऑक्सीजन टैंकर के लेट हाेने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने गुरुवार काे अस्पताल में 19 सिलेंडर की दाेपहर 12 बजे सप्लाई दी है।

दाेपहर 2:30 एडीएम साउथ शंकर सैनी ने ऑक्सीजन के टैंकर काे अस्पताल पहुंचाया है। जिला प्रशासन काे बुधवार देर शाम काे ही ऑक्सीजन के बारे में जानकारी मिल गई थी। नाेडल अधिकारी नजर रखे हुए थे। काेविड अस्पतालों में अस्पताल का अधिकृत अधिकारी, आरएएस नाेडल अधिकारी और एक डॉक्टर काे सहायक नाेडल अधिकारी नियुक्त किया है। वे सभी एडीएम प्रथम इकबाल खान की टीम काे बराबर सूचना दे रहे हैं।

अस्पताल ने मुझे नोटिस के बारे में कुछ नहीं बताया, सप्लाई जारी है : नोडल अधिकारी
फाेर्टिस अस्पताल में राज्य सरकार की ओर से लगाए गए नाेडल अधिकारी अशाेक शर्मा का कहना है कि अस्पताल ने क्या नाेटिस चस्पा किया है। मैंने नहीं देखा। अस्पताल ने मुझे बताया भी नहीं। गुरुवार दाेपहर काे ही अस्पताल में साढ़े पांच टन का ऑक्सीजन टैंकर खाली करवाया है। 19 बड़े सिलेंडर दाेपहर करीब पाैने तीन बजे अस्पताल काे दिलवाए हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजाें के अनुसार सरकार को ऑक्सीजन की डिमांड के हिसाब से सप्लाई दी जाती है।

महात्मा गांधी अस्पताल के नाेडल अधिकारी अरुण जैन का कहना है कि केन्द्र के द्वारा राज्य का ऑक्सीजन काेटे का पुनर्निर्धारण किया जा रहा है। अस्पताल का एयर लिक्विड ऑक्सीजन पानीपत हरियाणा के साथ हुए समझाैते के अनुसार नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार काे पूरी जानकारी दे दी है। अस्पताल के पास पर्याप्त बैकअप है।

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