डेंगू से बेखौफ हैं जिम्मेदार:एसडीपी से 2 हजार रु. सस्ती बफी किट की खरीद नहीं, असर-प्लेटलेट्स के लिए जिंदगियां दांव पर

जयपुर11 दिन पहलेलेखक: संदीप शर्मा
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अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं और प्लेटलेट्स के लिए मरीज परेशान हैं। - Dainik Bhaskar
अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं और प्लेटलेट्स के लिए मरीज परेशान हैं।

पूरे प्रदेश में डेंगू कहर बरपा रहा है। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं और प्लेटलेट्स के लिए मरीज परेशान हैं। इधर, सिस्टम की लापरवाही का डंक जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। सरकार और चिकित्सा विभाग की तैयारियां नहीं के बराबर हैं। लापरवाही इस कदर है कि जहां अस्पतालों में एसडीपी किट ही नहीं हैं, वहीं आरएमएससीएल और एसएमएस मेडिकल कालेज ने बफी कोट पूल्ड प्लेटलेट्स किट की खरीद नहीं की।

इससे आम जान को आसानी से प्लेटलेट्स आसानी से मिल सकते थे। बफी किट एस़डीपी से करीब 2000 रुपए सस्ती है वहीं एसडीपी के मुकाबले अधिक प्रभावी है। प्रदेश में 18 हजार से अधिक डेंगू के मरीज हो गए हैं। सरकारी रिकॉर्ड में 53 मौतें दर्ज की गई हैं। सिर्फ इस हफ्ते में राजस्थान में 2000 मरीज बढ़ गए हैं। डेंगू का यह आंकड़ा अब तक सबसे भयानक है। इसके बाद भी आरएमएससीएल अपने हितों के लिए लोगों की जिंदगी की अनदेखी कर रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब डेंगू नवंबर के आखिरी हफ्ते में भी खत्म नहीं हुआ है।

एसएमएस में हर दिन 50 एसडीपी किट चाहिए पर सिर्फ 20 ही मिल रही
आरएमएससीएल और एसएमएस मेडिकल कॉलेज को एक महीने पहले प्रजेंटेशन देने के बावजूद अधिकारियों ने बफी किट की खरीद में कोई रुचि नहीं दिखाई। अधिकारियों का कहना था कि बफी कोट पूल्ड प्लेटलेट्स किट के जरिए ना केवल प्लेटलेट्स बल्कि ब्लड और प्लाज्मा को भी उपयोग में लिया जा सकता है। लेकिन अधिकारियों ने ना तो एसडीपी किट की आपूर्ति की ना ही बफी कोट पूल्ड प्लेटलेटस किट की। यदि आरएमएससीएल और मेडिकल कॉलेज इसकी खरीद करते तो लोगों को आसानी से प्लेटलेट्स मिल सकता था।

एसडीपी और बफी किट में अंतर

  • एसडीपी किट 7600 रुपए की जबकि बफी कोट पॉल्ड प्लेटलेटस किट 5800 रुपए की है।
  • एसडीपी किट में सिर्फ प्लेटलेट्स निकालते हैं जबकि बफी कोट पॉल्ड प्लेटलेट्स किट में तीन बैग लगते हैं। इसमें प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और ब्लड सेल्स अलग करते हैं।
  • एसडीपी किट मिल ही नहीं रही है और कंपनियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं, जबकि बफी किट की उपलब्धता है।
  • एसडीपी किट की तरह ही बफी कोट पूल्ड प्लेटलेट्स किट डीजीसीआई से एप्रूव्ड है और देश के कई अस्पतालों में काम में ली जा रही हैं। यह सरल और सुलभ भी है।

अधिकारियों ने 28 दिन में इस पर ध्यान ही नहीं दिया और अब हर दिन सैकड़ों मरीजों के परिजन प्लेटलेट्स के लिए परेशान हैं
आखिर बड़ा सवाल यह है कि जब बफी कोट पूल्ड प्लेटलेट्स किट एम्स, दिल्ली और पीजीआई सहित देश के अन्य मेडिकल कॉलेज में काम में ली जा रही है तो राजस्थान के अधिकारी इसे खरीदने से क्यों कतरा रहे हैं जबकि अभी डेंगू चरम पर है और लोगों को प्लेटलेट्स नहीं मिल पा रही हैं। जबकि राजस्थान में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।

पता करती हूं क्या उपाय हो सकते हैं?
एसडीपी किट नहीं आ रही है, इसे लेकर सेक्रेट्री ने भी हमसे बात की थी लेकिन उपलब्धता नहीं हो पा रही। हो सकता है बफी कोट पॉल्ड प्लेटलेट्स किट का प्रजेटेंशन आया हो, मैं इसका कल ही पता कर लेती हूं। यदि अन्य मेडिकल कॉलेज में यह उपयोग में ली जा रही है तो इसे काम में लिया जा सकता है। -अनुपमा जोरवाल, एमडी, आरएमएससीएल।

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