भास्कर एनालिसिस:जयपुर में 24 घंटे में डेंगू के 230 मरीज, दो दिन में 5 की मौत और 30 की स्थिति गंभीर

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: संदीप शर्मा / सुरेन्द्र स्वामी
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एसएमएस में अक्टूबर में सर्वाधिक 170 केस, 8 की मौत। - Dainik Bhaskar
एसएमएस में अक्टूबर में सर्वाधिक 170 केस, 8 की मौत।

डेंगू, स्क्रब टाइफस और चिकन गुनिया के बढ़ते प्रकोप के बीच व्यवस्थाएं फेल साबित हो रही हैं। मरीजों और मौतों का बढ़ता आंकड़ा चिकित्सा विभाग को झिंझोड़ रहा है लेकिन विभाग कोरोना के कमजोर और वैक्सीनेशन के मजबूत आंकड़ों को लेकर अपनी पीठ थपथपा रहा है। नतीजतन, अकेले एसएमएस अस्पताल में विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों की जांच में पिछले 24 घंटे में ही डेंगू के 50 मरीज मिले हैं। इनमें से एक का दम टूट गया। वहीं, स्क्रब टाइफस के 30 मरीज मिले हैं। ऐसे में चिकित्सा विभाग के इंतजाम के साथ नगर निगम के फोगिंग के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

एसएमएस में इस साल अब तक 400 केस, इनमें सर्वाधिक 170 मरीज 21 दिन में मिले
एसएमएस में इस साल अब तक डेंगू के 400 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 18 की मौत हो चुकी है। अकेले अक्टूबर के 21 दिन में डेंगू के सर्वाधिक 170 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें से 8 की मौत हो चुकी है।

जेके लोन: डेंगू पीड़ित बच्चों की संख्या 100 पार, 4 की मौत भी
डेंगू बच्चों को भी चपेट में ले रहा है। जेके लोन अस्पताल में इस साल अब तक डेंगू का आंकड़ा 100 के पार हो गया है। इसमें से 4 की मौत हो चुकी है। अधीक्षक डॉ. अरविन्द शुक्ला ने बताया कि एलाइजा जांच में डेंगू के 100 से अधिक बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। हालांकि दावा किया कि भर्ती होने वाले बच्चों में अधिकतर ठीक होकर जा रहे हैं।

चरक भवन में 60 अतिरिक्त बेड लगाए, जेके लोन में 114 बढ़ाए, अब 24 घंटे चलेगी लैब

जयपुर के विभिन्न अस्पतालों में 24 घंटे में भर्ती 230 मरीजों में से एसएमएस में 46, जेके लोन, गणगौरी, जयपुरिया, कांवटिया में 54 भर्ती हुए हैं। इनमें 14 आईसीयू में हैं और 16 की तबीयत ज्यादा खराब है। बुधवार से गुरुवार रात तक 5 मरीजों की डेंगू से मौत हो चुकी है। ईएचसीसी, फोर्टिस, नारायणा, राजस्थान हॉस्पिटल, साकेत, मणिपाल सहित विभिन्न अस्पतालों में 180 लोग भर्ती हुए हैं। इनमें भी डेंगू के 20 से अधिक केस आईसीयू के हैं। एसएमएस में गुरुवार को चरक भवन में 30-30 बेड लगाए गए। जेके लोन में बेड 774 से बढ़ाकर 878 किए गए हैं। जनरल बेड बढ़ाकर 492 से 606 किए गए हैं। पहले लैब में सुबह 9 से एक और दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक काम होता था, अब 24 घंटे होगा। सैंपल भी सुबह 9 से शाम 7 बजे तक लिए जाएंगे।

डर यह : मल्टीपल बाइट्स और ब्लीडिंग वाले केस बढ़े
डेंगू के मरीज कई दिन से आ रहे हैं। उनमें इलनेस है और फिर से मॉस्कीटो बाइट होता है इसलिए खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा डेंगू के ब्लीडिंग, हेम्ब्रजिक और लास्ट फेज के केस बढ़े हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि गंभीर केस बढ़े हैं और बाइट के बाद प्लेटलेट तेजी से कम हो रहे हैं। री-इंफेक्शन और कॉम्पलीकेट केस बढ़ गए हैं।

बच्चों के लिए इंतजाम बढ़ाए हैं। बेड 100 से अधिक बढ़ाए हैं। लैब का समय 24 घंटे कर दिया है।-डॉ. अरविंद शुक्ला, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल
पहले आ रहे केस में प्लेटलेट कंट्रोल में थी लेकिन अब काफी सीरियस केस आ रहे हैं। इंटरनल ब्लीडिंग, ब्रेन हेम्ब्रजिक सहित अन्य सीरियस केस भी आ रहे हैं। यह स्थिति 15 नवम्बर तक बनी रह सकती है।- डॉ. पुनीत सक्सेना, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन, एसएमएस अस्पताल

डेडिकेटेड सेंटर बनाया
डेंगू के लिए प्रताप नगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल को डेडिकेटेड सेन्टर बनाया गया है। जहां पर जांच के साथ डॉक्टरों को लगाया गया है। जहां पर पहले से वार्ड, आईसीयू की सुविधा उपलब्ध है। -डॉ. सुधीर भंडारी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज

प्रोटीन लेने के लिए काटते हैं: एक्सपर्ट

डॉक्टरों के अनुसार एडीज एजिप्टाई मादा मच्छर के काटने से डेंगू फैलता है। नर मच्छर प्रोटीन की कमी पूर्ति पौधों से कर लेता है जबकि मादा मच्छर को अंडे देने के लिए प्रोटीन चाहिए होता है। यह प्रोटीन इंसान के शरीर से लेने के लिए मादा मच्छर काटते हैं।
(भास्कर एक्सपर्ट पैनल: डॉ. रमन शर्मा, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. अशोक गुप्ता और डॉ. पुनीत सक्सेना)