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25% नेता अनपढ़:जयपुर पंचायत चुनाव के 445 सदस्यों में से 113 बस साइन करना जानते हैं, BA-MA के साथ इंजीनियर और MBA भी बने सदस्य

जयपुरएक महीने पहले

जयपुर में बीते दिनों पंचायत समितियों और जिला परिषद सदस्यों के लिए वोटिंग हुई। इसमें 22 पंचायत समितियों के 445 सदस्यों और जिला परिषद के 51 सदस्यों के लिए मतदान हुए। इसके रिजल्ट 4 सितंबर को सामने आ गए। इन चुनावों में जीते उम्मीदवारों की अगर शैक्षणिक योग्यता देखे तो यह अब तक बने बोर्ड में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखों का बोर्ड है। जयपुर जिला परिषद के 51 सदस्यों में से 35 फीसदी सदस्य ऐसे जीतकर आए हैं, जो ग्रेजुएट या पीजी किए हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 12 सदस्य कांग्रेस के हैं। वहीं 22 पंचायत समितियों की बात करें तो यहां करीब 34 फीसदी उम्मीदवार ग्रेजुशन या उससे ज्यादा की योग्यता हासिल किए हुए हैं। जालसू पंचायत समिति में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे उम्मीदवार जीतकर पहुंचे हैं।

भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के लिए 10वीं पास की अनिवार्यता कर रखी थी। इससे कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति इन पदों पर नामांकन नहीं भर सकता था। दिसंबर 2018 में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस पार्टी की गहलोत सरकार ने इस नियम को बदल दिया था। इसको लेकर भाजपा के सदस्यों ने विरोध भी जताया था।

जयपुर के बनीपार्क स्थित कार्यालय पर जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन पत्र चेक करती रिटर्निंग ऑफिसर अर्षदीप बराड़।
जयपुर के बनीपार्क स्थित कार्यालय पर जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन पत्र चेक करती रिटर्निंग ऑफिसर अर्षदीप बराड़।

25 फीसदी से ज्यादा अनपढ़ पहुंचे जीतकर
22 पंचायत समितियों में जीतकर आए 445 सदस्यों में से 25 फीसदी यानी 113 सदस्य ऐसे हैं, जो अनपढ़ हैं यानी उन्हें केवल अपना साइन करना ही आता है। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। वहीं जिला परिषद की स्थिति देखे तो यहां 51 में से 8 मेंबर अनपढ़ हैं, जो कुल संख्या करीब 16 फीसदी है। यहां दोनों ही पार्टियों में अनपढ़ जीतकर आए सदस्यों की संख्या 4-4 यानी बराबर है। चुनाव से पहले जब टिकट वितरण हुआ तो पढ़े-लिखों की पैरवी करने वाली भाजपा ने ही इस बार 9 साक्षर (ऐसे लोग जो केवल नाम लिखना जानते है) को टिकट दिया था। इस मामले में सबसे ज्यादा 12 लोगों को कांग्रेस ने टिकट दिया है, जबकि 4 उम्मीदवार राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के ऐसे थे, जो अनपढ़ या कहें साक्षर थे।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुछ महिला प्रत्याक्षी घूंघट में पत्र जमा कराने पहुंची थीं।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुछ महिला प्रत्याक्षी घूंघट में पत्र जमा कराने पहुंची थीं।

बीए, एमए के साथ इंजीनियर और एमबीए किए हुए सदस्य भी जीते
पंचायत समितियों में इस बार अनपढ़ से ज्यादा ऐसे उम्मीदवार जीतकर आए जो अच्छे खासे पढ़े लिखे हैं। जीते हुए 150 सदस्य ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हैं। यही नहीं कुछ उम्मीदवार एम कॉम. एमबीए, बीटेक, बीएड और एलएलबी किए हुए हैं। वहीं जिला परिषद की स्थिति देखे तो 51 में से 18 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इनमें 6 बीजेपी से जीते हैं, जबकि 12 कांग्रेस से।

जालसू पंचायत समिति में आधे से ज्यादा सदस्य ग्रेजुएट
पंचायत समिति जालसू में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे उम्मीदवार जीतकर आए हैं। यहां 25 सदस्यों में से 14 सदस्य की शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन हैं। यहां केवल 3 उम्मीदवार ही अनपढ़ है, जो केवल साइन करना जानते हैं, शेष 8 सदस्य 8वीं, 10वीं या 12वीं पास आए हैं।

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