राजस्थान में बेमौसम से हुई बर्बादी:7 जिलों में किसानों की फसल 25 से 80% तक बर्बाद, आंधी-तूफान से 800 करोड़ का नुकसान; अब होगा तबाही का आकलन

जयपुर10 महीने पहले
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बीकानेर के एक खेत में कटी फसल पूरी बारिश में नष्ट हो गई। - Dainik Bhaskar
बीकानेर के एक खेत में कटी फसल पूरी बारिश में नष्ट हो गई।

मौसम की एक करवट ने किसानों की नींद उड़ा दी। जैसलमेर, बीकानेर सहित राज्य के 7 जिलों में फसलें 25 से 80 फीसदी तक चौपट हो गई। बहुत से इलाके ऐसे भी हैं, जहां किसान एक-दो दिन में कटी फसल को मंडी तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा था। उसकी आंखों के सामने से पूरी मेहनत, साल की कमाई पानी हाे गई।

खेतों में की गई बुवाई और खेती क्षेत्र का आकलन करें तो इन जिलों में ही करीब 700 करोड़ रुपए का नुकसान माना जा रहा है। इसके अलावा, अन्य नुकसान करीब 100 करोड़ रुपए हैं। बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ सहित कई जिलों में बड़ी मात्रा में फसल बर्बाद हुई।

इन खेतों में गेहूं, चना, सरसों, जीरा व इसबगोल की फसल काफी हद तक खत्म हो गई। फिलहाल, सरकार ने इस नुकसान के आकलन के आदेश दिए हैं। हालांकि, सरकार के सामने यह संकट है कि फसलों के खराब होने का आकलन करने वाले राजस्थान के पटवारी पिछले दिनों से हड़ताल पर हैं।

सीकर के गांव रामसीसर के खेत में अंधड़ से खराब हुई चने की फसल।
सीकर के गांव रामसीसर के खेत में अंधड़ से खराब हुई चने की फसल।

जैसलमेर में तूफान ने मचाई तबाही बुवाई हुई है।

बीकानेर में 200 करोड़ का नुकसान
आंधी-बारिश से बीकानेर में करीब 200 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। बीकानेर में करीब 20 लाख बीघा में इस बार खेती की गई है। फसलों की स्थिति के अनुसार करीब 25 फीसदी का नुकसान किसान बता रहे हैं। ऐसे में यह नुकसान 200 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच जाता है।

बाड़मेर और जोधपुर में भी आंधी और बारिश से नुकसान हुआ, लेकिन ज्यादा नहीं। फसलों को कुछ कम नुकसान हुआ है। दोनों जिलों में प्रत्येक में 40 से 50 करोड़ के नुकसान के रूप में बताया जा रहा है। यानी दोनों जिलाें में करीब 100 करोड़ रुपए का नुकसान। इसमें खेती के अतिरिक्त अन्य नुकसान भी शामिल हैं।

अजमेर में फसलों को 2 से 5% का नुकसान

गंगानगर और हनुमानगढ़ में भी फसलों का खासा नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से इसके आकलन के आदेश दे दिए हैं। जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन किसानों और जानकारों का कहना है कि जिस तरह की बारिश और आंधी चली है और फसल की स्थिति देखें तो करीब 30 से 40 करोड़ के नुकसान है। किसानों का कहना है कि सरकार भले ही कितना ही आकलन कर लें, लेकिन मुआवजा देते समय इतनी कंजूसी करती है कि भरपाई उससे होती नहीं है।

बीकानेर के पूगल ग्राम पंचायत के एक चक में तूफान से उखड़ा सौर ऊर्जा प्लांट।
बीकानेर के पूगल ग्राम पंचायत के एक चक में तूफान से उखड़ा सौर ऊर्जा प्लांट।

इसबगोल, जीरा काे बड़ा नुकसान
अधिकांश क्षेत्रों में किसानों ने इसबगोल की खेती पिछले सालों में शुरू की है। इस खेती से भी किसान हाथ धो बैठे हैं। फसल का नामोनिशान ही नहीं बचा। किसान के लिए सबसे बड़ी समस्या ये है कि पिछली खेती के लिए जो उधार लिया था, वो ही चुकता नहीं हो पा रहा है।