नकल पर नकेल आखिर कब तक?:22 लाख अभ्यर्थियों की 3 बड़ी परीक्षा कल से, कानून कल के बाद क्यों‌?

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: विनोद मित्तल
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रीट और एसआई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद राज्य सरकार ने 17 अक्टूबर को नया नकल अध्यादेश लाने का ऐलान किया था। लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया है। - Dainik Bhaskar
रीट और एसआई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद राज्य सरकार ने 17 अक्टूबर को नया नकल अध्यादेश लाने का ऐलान किया था। लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया है।

नकल पर नकेल आखिर कब कसेगी, क्याेंकि रीट और एसआई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद राज्य सरकार ने 17 अक्टूबर को नया नकल अध्यादेश लाने का ऐलान किया था। लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया है। जबकि इसी माह 22 लाख अभ्यर्थियों की 3 बड़ी परीक्षाएं होनी हैं। अध्यादेश लागू होता तो नकलचियों में खौफ पैदा होता लेकिन अभी अभ्यर्थियों में डर है कि नकल हुई तो पिछली कई परीक्षाओं की तरह उनका भविष्य इस बार भी विवादों में घिर जाएगा।

अध्यादेश प्रभावी होता तो अनुचित साधनों का उपयाेग गंभीर अपराध के साथ गैर जमानती भी होता। साथ ही सजा 3 से बढ़ाकर 7 साल होती। नए अध्यादेश में सरकारी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता मिलने पर बर्खास्त करने तथा निजी शिक्षण संस्थान से जुड़े व्यक्ति की संलिप्तता मिलने पर संस्थान की मान्यता समाप्त करने का भी प्रावधान है। इस माह 23 व 24 अक्टूबर को पटवारी भर्ती परीक्षा और 5 दिन बाद 27 अक्टूबर को आरएएस-प्री है। फिर इसके दो दिन बाद 29 अक्टूबर से स्टेनोग्राफर की परीक्षा है। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए जल्द अध्यादेश लाना चाहिए।

  • 5 दिन पहले अध्यादेश की घोषणा कर भूली सरकार, लागू होता तो नकल गैर जमानती अपराध होता, सजा भी 7 साल

हरियाणा में पेपर लीक करने वालों की संपत्ति जब्त करने का कानून...

हरियाणा सरकार नकल विरोधी कानून लेकर आई है। इसमें पेपर लीक के दोषी को 7 साल की सजा और पेपर लीक से जितना नुकसान होता है, उसकी भरपाई के लिए प्राॅपर्टी अटैच करने के बाद नीलाम करने का प्रावधान है। यदि प्राॅपर्टी नीलामी के बाद भी नुकसान की भरपाई नहीं होती तो सजा बढ़ाकर 10 या 11 साल करने का प्रावधान है।

11 साल से सालाना 150 केस, सजा किसी को नहीं
प्रदेश में 11 साल में करीब 38 बड़ी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हुईं। इनमें दर्ज केस का औसत निकालें तो हर साल पर्चा लीक के 150 केस दर्ज होते हैं। हैरत की बात है कि इनमें से एक में भी आज तक किसी को सजा नहीं मिल सकी।

एक्सपर्ट : अध्यादेश जिस दिन से प्रभावी, उसके बाद की परीक्षाओं पर ही नियम लागू

सरकार को घोषणा के साथ ही अध्यादेश लाना चाहिए था। अब भी आने वाली परीक्षाओं से पहले इसको लाया जा सकता है। यह जिम्मा सरकार के विधि विभाग का होता है। अध्यादेश जिस दिन आएगा? यह उस तिथि से पहले वाली परीक्षाओं पर लागू नहीं होगा।-पानाचंद जैन, रिटायर जज, राजस्थान हाईकोर्ट