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धीमी ऑक्सीजन सप्लाई:ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले 30 टैंकरों की जरूरत; उपलब्ध 16 ही, 14 के लिए 6 राज्यों काे लिखा पत्र

जयपुर3 महीने पहलेलेखक: नरेश वशिष्ठ
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  • केंद्र ने प्रतिदिन 140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की, सप्लाई सिर्फ 90-100 मीट्रिक टन की हो पा रही

केंद्र सरकार ने प्रदेश काे ऑक्सीजन आवंटित की ताे अब ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले टैंकर नहीं मिल रहे हैं। केंद्र ने प्रदेश को प्रतिदिन 140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित कर दी है, लेकिन अब सरकार के पास इसे विभिन्न जिलों में पहुंचाने को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। इसकी वजह है प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले टैंकरों का नहीं होना।

प्रदेश को करीब 30 से अधिक टैंकरों की जरूरत है, लेकिन उपलब्ध 16 ही है। 14 टैंकर अधिग्रहण करने के लिए मारामारी चल रही है। निर्धारित कोटा 24 घंटे में उठाना होता है। इन टैंकरों में हर दिन करीब 90 से 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है।

तमिलनाडु में 450 टैंकर पंजीकृत; हमारे यहां सिर्फ 23, इनमें भी 10 की विभाग को जानकारी नहीं

प्रदेश के विभिन्न आरटीओ-डीटीओ ऑफिसों में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले 23 टैंकर पंजीकृत है, लेकिन परिवहन विभाग की टीमें 13 को ही अधिग्रहित कर पाई हैं। 10 टैंकर किस राज्य में ऑक्सीजन सप्लाई कर रहे हैं, इसकी काेई जानकारी नहीं है। अब परिवहन विभाग ने 6 राज्यों से पत्र लिख कर टैंकरों की डिमांड की है। झारखंड में 262, हरियाणा में 156, गुजरात में 296, यूपी में 100, महाराष्ट्र में 388, तमिलनाडु में 451 ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले टैंकर पंजीकृत हैं।

भिवाड़ी से 100 और जामनगर से 40 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लानी है रोजाना

140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन में से 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भिवाड़ी से तो 40 मीट्रिक टन जामनगर से आनी है। भिवाड़ी में 20 टैंकरों की आवश्यकता है। ग्रीन काॅरिडाेर और डबल ड्राइवर रखकर 14 से ही काम चलाया जा रहा है। जामनगर से मिलने वाली ऑक्सीजन तो सोमवार को पहली बार जोधपुर पहुंचेगी। पहले दिन 30 मीट्रिक टन ऑक्सीजन जोधपुर पहुंचेगी। जामनगर से हर दिन 40 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लाने के लिए 10 टैंकरों की जरूरत है, जबकि उपलब्ध 2 ही हैं।

पर्याप्त टैंकर नहीं होने के बावजूद भिवाड़ी से जितनी ऑक्सीजन मिल रही है, उतनी तो भागदौड़ करके उठा रहे हैं। अगर कोई टैंकर ब्रेकडाउन हो गया और ड्राइवर बीमार हो गया तो समस्या खड़ी हो सकती है। जामनगर ऑक्सीजन तो जोधपुर कॉर्डिनेट कर रहे हैं।
- रानी जैन, आरटीओ अलवर एवं नोडल अधिकारी, टैंकर

टैंकरों की मारामारी चल रही है। इसके बावजूद भी भिवाड़ी से तो पूरी ऑक्सीजन उठा रहे हैं। अब नाइट्रोजन टैंकर भी अधिग्रहण कर लिए हैं। इनकी सफाई और कन्वर्जन काम चल रहा है।
- सुमन डेलू, डीटीओ, भिवाड़ी

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