परेशानी:हड़ताल से शहर में नहीं चलीं 300 लो फ्लोर बसें, 2 लाख यात्री परेशान

जयपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से गुरुवार को शहर में 300 लो फ्लोर बसों का संचालन नहीं हुआ। इससे करीब 2 लाख यात्री दिनभर परेशान होते रहे। बसों के लिए यात्री एक से दूसरे बस स्टैंड पर भटकते रहे, लेकिन स्टैंड पर लो फ्लोर बसें नजर नहीं आई। जेसीटीएसएल टोडी, विद्याधर नगर और बगराना डिपो से लो फ्लोर बसों का संचालन करता है। इन तीनों डिपो के मुख्य गेट पर कर्मचारी सुबह धरने पर बैठ गए और सरकार व जेसीटीएसएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।

मनमर्जी किराया वसूला: हड़ताल की वजह से कर्मचारियों को महंगे किराया में ऑटो रिक्शा, कैब और मिनी बसों में जाना पड़ा। प्राइवेट बसों, मैजिक और ऑटो रिक्शा संचालकों ने यात्रियों से मनमर्जी से राशि वसूली। ऑटो रिक्शा चालकाें ने यात्रियाें से दाेगुने दाम वसूल किए। कैब कंपनियों ने भी पीक आवर्स में किराये में बढ़ोतरी करके यात्री का उलझन में डाल दिया। बस्सी, चाकसू, चाैमू, बगरू, नायला, रामगढ़, रैनवाल, जाने वाली प्राइवेट बसों में दिन भर भीड़ रही। यात्रियों को छतों पर बैठकर जाना पड़ा।

स्वायत्त शासन सचिव से वार्ता बेनतीजा रही
हड़ताल के बाद गुरुवार को लो फ्लोर कर्मचारियों को स्वायत्त शासन सचिव व जेसीटीएसएल के अध्यक्ष भवानी सिंह देथा ने वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। कर्मचारियों ने सातवें वेतनमान, बकाया एरियर और बोनस की मांगी रखी। देथा के मना करने से कर्मचारी आक्रोश में आ गए। कर्मचारी अब शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। वार्ता में यूनियन के प्रतिनिधि अध्यक्ष विपिन चौधरी, महासचिव चंद्रप्रकाश धाकड़ व जनसंपर्क सचिव महेश कुमार ओला मौजूद थे।

खबरें और भी हैं...