राजस्थान में सियासत का पीक टाइम:राज्यसभा की 4 सीटों पर नामांकन 31 तक...दो सीटों पर कांग्रेस, एक पर भाजपा की जीत तय; एक सीट पर फंस सकता है पेच

जयपुर3 महीने पहलेलेखक: मनोज शर्मा
  • कॉपी लिंक
जैसे आइसबर्ग (हिमशैल) का ऊपर सिर्फ छोटा हिस्सा दिखाई देता है, जबकि अंदर विशालकाय होता है। उसी तरह कांग्रेस की समस्याएं भी जितनी दिख रहीं, उससे ज्यादा गहरी हैं। - Dainik Bhaskar
जैसे आइसबर्ग (हिमशैल) का ऊपर सिर्फ छोटा हिस्सा दिखाई देता है, जबकि अंदर विशालकाय होता है। उसी तरह कांग्रेस की समस्याएं भी जितनी दिख रहीं, उससे ज्यादा गहरी हैं।

राजस्थान से राज्यसभा की 4 सीटों पर मंगलवार को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संख्याबल के हिसाब कांग्रेस दो और भाजपा एक सीट आसानी से जीत रही है। चौथी सीट पर कांग्रेस मजबूत है, लेकिन चुनावी साल में भाजपा किसी भी सूरत में कांग्रेस को वॉकओवर देना नहीं चाहेगी और दूसरा प्रत्याशी उतारेगी। यही वजह है कि एक बार फिर बाड़ाबंदी की अटकलें तेज होने लगी हैं।

सत्तारुढ़ कांग्रेस ने दो साल पहले भी बाड़ाबंदी की थी, जब भाजपा ने दो प्रत्याशी उतार दिए थे। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस की दो दिवसीय बैठक की टाइमिंग से भी बाड़ाबंदी को बल मिलता है। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, 31 मई नामांकन की आखिरी तारीख है और कांग्रेस की दो दिवसीय बैठक एक और दो जून को जयपुर में हो रही है। वहीं 3 जून को नाम वापसी का आखिरी दिन...। इससे संकेत मिल रहे हैं कि राज्यसभा चुनाव को देखते हुए ही यह कार्यक्रम तय किया गया है ताकि विधायकों को एक जगह रखने में ज्यादा दिक्कत नहीं हो। चुनाव के लिए मतदान 10 जून को होगा।

सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।
मुख्य निवार्चन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 24 मई को अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 मई से 31 मई तक नामांकन पत्र लिए जाएंगे। शनिवार और रविवार को राजकीय अवकाश के दिन नामांकन प्रक्रिया नहीं होगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा एक जून को होगी।

अभ्यर्थी 3 जून तक नाम वापस ले सकेंगे। आवश्यक होने पर मतदान 10 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना इसी दिन शाम 5 बजे से होगी। राज्यसभा की चार सीटें सांसद ओम माथुर, हर्षवर्द्धन सिंह, रामकुमार वर्मा और केजे अल्फोंस के 4 जुलाई को रिटायर होने से खाली हो रही है।

चिंतन शिविर से लौटी कांग्रेस के सामने 6 बड़ी चुनौतियां
1. चिंतन शिविर : उदयपुर के चिंतन शिविर में कांग्रेस ने 50% भागीदारी युवाओं को देने की घोषणा की थी। अभी राज्यसभा में 3 सदस्य हैं और तीनों की उम्र 50 से ज्यादा, मनमोहन सिंह (89), वेणुगोपाल (59) व नीरज डांगी (52) है। युवाओं को उतारने का दबाव।
2. जातीय समीकरण : सरकार ने राज्य कैबिनेट में दलितों को मंत्री बनाने को प्रचारित किया था। अब गैरआदिवासी-आदिवासी के साथ अब गुर्जर भी राज्यसभा में प्रतिनिधि मांग रहे हैं।
3. भाजपा : भाजपा ने दो सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। भाजपा के 71 सदस्य हैं और एक सीट के लिए 41 प्रत्याशी चाहिए। ऐसे में दूसरी पार्टियों के समर्थन से भाजपा उलटफेर की कोशिश में है।
4. समर्थक दल व निर्दलीय : बीटीपी नाराज है। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष व विधायक गणेश घोगरा भी इस्तीफा दे चुके हैंं। अंदरखाने निर्दलीय व दूसरी पार्टियों के समर्थक नाराजगी जाहिर करने लगे हैं।
5. आलाकमान का दबाव : सिर्फ दो राज्यों में सिमट चुकी कांग्रेस को आलाकमान का भी ध्यान रखना होगा। राज्यसभा की एक सीट पर किसी सीनियर राष्ट्रीय नेता को भेजना तय है। राजस्थान में ही 3 सीटें जीत सकती है।
6. आखिरी चुनाव : अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले यह आखिरी चुनाव होगा। इसमें दोनों पार्टियां पूरी ताकत दिखाने की कोशिश करेगी। सरकार को वॉक ओवर देने की स्थिति में नहीं है।
7. पिछला अनुभव : पिछली बार सामान्य परिस्थितियों के बावजूद भी जून, 2020 में विधायकों की बाड़ाबंदी की गई थी। क्योंकि, भाजपा ने दो प्रत्याशी उतार दिए थे। वहीं, पूर्व डिप्टी सीएम के बगावत के चलते भी 35 दिन तक सरकार होटलों में रही थी।

गहलोत सरकार के कार्यकाल में 5 बाड़ाबंदी
सीएम अशोक गहलोत के इस कार्यकाल में 5 बाड़ाबंदी हो चुकी है। इसमें 2020 में राज्यसभा के तत्काल बाद तत्कालीन डिप्टी सीएम सचिन पायलट खेमे के बगावत करने पर कांग्रेस एवं उसके समर्थक विधायकों को 35 दिनों तक होटल में रखना पड़ा था। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, एमपी और असम के विधायकों की यहां बाड़ाबंदी की गई थी।

2 साल पहले राज्य सभा चुनाव में बाड़ाबंदी
राज्यसभा चुनाव की तीन सीटों पर जून, 2020 में चुनाव कराए गए थे। भाजपा ने चौथे प्रत्याशी को उतार दिया था, इसलिए मतदान करवाना पड़ा। भाजपा ने कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों में सेंध मारने की उम्मीद में यह प्रत्याशी उतारा था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस चुनाव में कांग्रेस विधायकों की होटल शिव विलास में बाड़ाबंदी की गई थी।

4 में से 3 सीटें हम जीतेंगे, जरूरत पड़ी तो बाड़ाबंदी करेंगे : हेमाराम
वन मंत्री हेमाराम चौधरी ने मीडिया से कहा- राज्यसभा में 4 में से 3 सीटें हम जीतेंगे। बाड़ाबंदी की जरूरत पड़ी तो करेंगे। कांग्रेस में कोई नेता नाराज नहीं है। विधायक गणेश घोगरा के इस्तीफे पर बोले कि उन्होंने अपनी बात सीएम के सामने रखी है। राज्य सभा चुनाव में देख लीजिएगा कि चार में से तीन सीटें कांग्रेस जीतेगी।