ह्यूमिडिटी का तोड़ निकाला:बीलवा में 36 मरीज भर्ती किए; 23 ऑक्सीजन पर, गर्मी से बचाव के लिए सेंटर में स्प्रिंकलर सिस्टम

जयपुर/शिवदासपुरा6 महीने पहले
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बीलवा में शुरू किए सेंटर में 36 मरीज भर्ती किए गए। - Dainik Bhaskar
बीलवा में शुरू किए सेंटर में 36 मरीज भर्ती किए गए।

अस्पतालों में कम पड़ते बेड को देखते हुए बीलवा में शुरू किए सेंटर में बुधवार से मरीजों को भर्ती करना शुरू कर दिया गया है। पहले दिन यहां 120 की ओपीडी रही और 36 जनों को भर्ती किया गया। इनमें 23 फीमेल और 13 मेल भर्ती किए गए। हालांकि देर रात तक यहां मरीजों का आना जारी था। अभी 100 बेड शुरू किए गए हैं और जैसे-जैसे ऑक्सीजन की व्यवस्था होगी, अन्य बेड भी शुरू किए जाएंगे। भर्ती मरीजों में से 23 को ऑक्सीजन पर लिया गया है।

बीलवा में बनाए गए सेंटर पर तपती-झुलसाती गर्मी से निजात दिलाने को एक ‘देशी और मुफीद आइडिया’ निकाला गया। मौके पर लंबे चौड़े एरिया में एसी सफल नहीं थे, डॉक्टरों ने मरीजों के लिए कूलर की नमी को सही नहीं बताया। इसके चलते यहां खुले में लगी टीन-शैड के भीतर दिन के तापमान को मेंटेन करने का चैलेंज खड़ा हो गया। आखिरकार इस पर पार पाने के लिए अब ‘L शेप’ में स्प्रिंकलर चालू किए गए हैं।

करीब तीन हेक्टेयर एरिया में जहां पहले फेज के दौरान मरीज भर्ती होंगे वहां 600 मीटर पाइप के साथ 50 स्प्रिंकलर लगाए जा रहे हैं। जरूरत मुताबिक बुधवार को 25 को चालू कर नतीजे जांचे गए हैं। सामने आया है कि इससे करीब 3 डिग्री तापमान नीचे आया है। यह यहां भर्ती मरीजों के लिए बेहद राहत वाली बात है।

रोजाना 1 लाख लीटर साफ पानी का इंतजाम
डीएफओ तिवारी के मुताबिक तराई के लिए हम यहीं से साफ पानी काम लेंगे। रोजाना 1 लाख लीटर पानी की व्यवस्था हो सकेगी। फिलहाल तराई के लिए 15 हजार लीटर पानी स्टोरेज कर रहे हैं। इसे लगातार व्यर्थ नहीं करके एक बार नमी बनाने और फिर सूखने पर ही काम लेते हैं। मकसद पानी को वेस्ट होने से भी रोकना है। पूरा एरिया करीब 15 हेक्टेयर का है। 500 मीटर बाई साढ़े 300 मीटर कवर है।

यहां पर फिलहाल 764 बैड लगे हैं। अभी 3 हेक्टेयर के आसपास एरिया ही काम लिया है। 50 में ऑक्सीजन व्यवस्था की जा चुकी है। डॉक्टरों की देखरेख में शाम तक 20 से ज्यादा मरीज भर्ती किए जा चुके।

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