सियासत का ओलिंपिक:38 साल जनार्दन गहलोत के हाथ रही कमान, 5 महीने पहले निधन के बाद दो फाड़ हो गया राजस्थान ओलिंपिक संघ

जयपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
एक गुट ने मीटिंग कर आरओए सचिव सारस्वत के अधिकार फ्रीज किए, स्पेशल एजीएम 16 को, 4 पदों पर चुनाव। - Dainik Bhaskar
एक गुट ने मीटिंग कर आरओए सचिव सारस्वत के अधिकार फ्रीज किए, स्पेशल एजीएम 16 को, 4 पदों पर चुनाव।

राज. ओलिंपिक संघ (आरओए) की कमान 38 साल तक जनार्दन सिंह गहलोत के हाथ रही। वे 28 अप्रैल को दुनिया छोड़ गए। पांच माह में संघ दो फाड़ हो गया। एक गुट ने गुरुवार को कार्यकारिणी की बैठक कर महासचिव अरुण सारस्वत के अधिकार फ्रीज कर संयुक्त सचिव दाउद खान को दे दिए। उपाध्यक्ष अनिल व्यास की अध्यक्षता में 8 सदस्य मौजूद थे, 3 वर्चुअली जुड़े। बतौर पर्यवेक्षक भारतीय संघ के कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडे जुड़े।

मीटिंग में ये फैसले हुए

1. महासचिव द्वारा 1 और 10 जुलाई की कार्रवाई को निरस्त घोषित किया गया। 2. अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए महासचिव की पावर सीज कर संयुक्त सचिव दाउद खान को दी गईं। 3. मामला अनुशासन समिति को सौंपा गया है। इसके अध्यक्ष धनराज चौधरी हैं। अनिल चौधरी व हरीश शर्मा सदस्य हैं। समिति 7 दिन में जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। 4. यह समिति कोषाध्यक्ष राजेन्द्र शेखर के क्रियाकलापों की भी जांच करेगी। 5. बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। महासचिव को खातों के उपयोग से प्रतिबंधित किया जाएगा। 6. स्पेशल एजीएम 16 अक्टूबर को बुलाई गई है। इसमें रिक्त चार पदों पर चुनाव कराया जाना तय हुआ है। चुनाव अधिकारी रिटायर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनवर आलम को बनाया गया है।

सारस्वत बोले, 5-6 लोग मिलकर ऐसा कैसे कर सकते हैं

महासचिव अरुण सारस्वत ने कहा, 5-6 लोग मिलकर ऐसा कैसे कर सकते हैं। ये जो और जिसके इशारे पर कर रहे हैं, सब असंवैधानिक है। मीटिंग बुलाने का अधिकार सिर्फ महासचिव के पास होता है। इनमें से 4 लोग खुद प्रेसीडेंट बनना चाहता हैं और मुझसे अलग-अलग बात भी कर चुके हैं।

भारतीय ओलिंपिक संघ की गुटबाजी का असर

भारतीय ओलिंपिक संघ में अध्यक्ष नरेन्द्र बत्रा व महासचिव राजीव मेहता के गुट हैं। दिसंबर में चुनाव होने हैं। राजस्थान में एक गुट मेहता, दूसरा बत्रा संग है। सारस्वत ने 3 अक्टूबर को मीटिंग बुलाई है। इसमें 4 रिक्त पदों पर चुनाव पर निर्णय होगा। सारस्वत ने बताया, 25 साल पहले नाथू सिंह गुर्जर को प्रेसीडेंट बनाने की कोशिश हुई लेकिन जनार्दन सिंह के तजुर्बे ने विफल कर दिया था।

खबरें और भी हैं...