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समस्या:मुहाना में 4.31 करोड़ का पैक हाउस बंद, नहीं चला तो समिति को दे दिया

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: कन्हैया हरितवाल
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गर्म प्रदेश होने की वजह से यहां इसकी जरूरत ज्यादा है। - Dainik Bhaskar
गर्म प्रदेश होने की वजह से यहां इसकी जरूरत ज्यादा है।
  • प्रदेश में 18 पैक हाउस बंद हुए, करोड़ों रुपए बर्बाद

किसानों व व्यापारियों को ज्यादा दिन उपज रखने व ग्रीडिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुहाना मंडी समेत प्रदेश में 18 पैक हाउस व कोल्ड स्टोरेज बनाए गए। लेकिन इनमें से ज्यादातर बंद पड़े हैं। मार्केटिंग बोर्ड ने मुहाना में 4.31 करोड़ से पैक हाउस तो बना दिया लेकिन नहीं चलने पर इसे डेढ़ साल पहले मंडी समिति को सुपुर्द कर दिया, लेकिन मंडी समिति भी इसको अभी तक संचालित नहीं कर पाई।

इस बारे में मंडी समिति का तर्क है कि इसको दुबारा से चलाने के लिए ना तो बजट है और ना ही टेक्निकल स्टाफ। अगर यह पैक हाउस चालू हो जाएं तो किसान व व्यापारी फल-सब्जियों को कोल्ड स्टोरेज में रख सकते हैं और उपज की ग्रीडिंग व पैकिंग की सुविधा का भी लाभ उठा सकते हैं। इसके बंद होने से मजबूरी में प्राइवेट कोल्ड स्टोरेज में महंगे खर्चे पर रख रहे हैं।

गर्म प्रदेश होने की वजह से यहां इसकी जरूरत ज्यादा है
राजस्थान में सामान्यत: 9 से 10 माह गर्मी पड़ती है, इस वजह से बिना कोल्ड स्टोरेज के फल व सब्जियों को ज्यादा दिन नहीं रखा जा सकता है। इसलिए अगर यह संचालित हो जाएं तो कोल्ड स्टोरेज में रखने की सुविधा मिल जाएगी। जैसे किसी सब्जी की आवक ज्यादा है और भाव नहीं मिल रहे तो उसे किसान स्टॉक कर सकता है और जब जरूरत हो तो बाजार में बेच सकता है साथ क्वालिटी के हिसाब से ग्रीडिंग भी कर सकता है।

प्रदेश में 4 पैक हाउस बने हुए हैं
मुहाना मंडी, चोमू, शाहपुरा व सोहेला टोंक
लघु पैक हाउस 5 : निम्बाहेड़ा, कोटपूतली, जालौर, सीकर, मथानिया
कोल्ड स्टोरेज 9 : अलवर, सीकर, मंडोर जोधपुर, बाड़मेर, सुमेरपुर पाली, झालरापाटन, भवानी मंडी, उदयपुर, भीलवाड़ा

समिति काश्तकारों से जुड़ी हुई है
मार्केटिंग बोर्ड सचिव लक्ष्मण शर्मा ने बताया की मार्केटिंग बोर्ड ने पैक हाउस का निर्माण करवाया था, इसके बाद कुछ दिन संचालित किया गया लेकिन इस दौरान कुछ चले और कुछ नहीं चले तो, इसके बाद 2018 में मंडियों को ट्रांसफर कर दिया गया। इसके पीछे वजह है की मार्केटिंग बोर्ड सीधे तौर पर काश्तकारों से जुडा हुआ नहीं है, जबकि मंडियों में काश्तकारों की आवाजाही रहती है।
उन्होंने बताया की आगे प्लान यह है

केंद्र सरकार की नई स्कीम है जिसके तहत इनका उपग्रेडेशन किया जाएगा, अभी यह प्लान चल रहा है की इनमें क्या क्या और सुविधाएं डवलप कर सकते हैं।

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