कैब में कटी जेब:इंश्योरेंस के नाम से 5 साल में वसूल लिए 4.32 करोड़ रुपए, सड़क हादसों में 5 चालकों की मौत, क्लेम किसी को भी नहीं

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: नरेश वशिष्ठ
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पिछले पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें तो कैब कंपनियों ने करीब 1 से 1.5 करोड़ रुपए की वसूली सिर्फ इंश्योरेंस के नाम कर ली लेकिन क्लेम एक भी यात्री को नहीं मिला है। - Dainik Bhaskar
पिछले पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें तो कैब कंपनियों ने करीब 1 से 1.5 करोड़ रुपए की वसूली सिर्फ इंश्योरेंस के नाम कर ली लेकिन क्लेम एक भी यात्री को नहीं मिला है।

कोरोनाकाल जहां लाखों लोगों के लिए आपदा लेकर आया वहीं कुछ लोगों ने इसे ‘अवसर’ बना लिया। कैब कंपनियां इस संकटकाल में बढ़े किराए के साथ-साथ इंश्योरेंस और ट्रिप कैंसिलेशन चार्ज के हर महीने करोड़ों रुपए की वसूली तो कर रही हैं लेकिन इसका फायदा ना तो यात्रियों को मिल रहा और ना ही चालकों को। हर ट्रिप में इंश्योरेंस के 2 से 10 रुपए तक वसूले जाते हैं। पिछले पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें तो कैब कंपनियों ने करीब 1 से 1.5 करोड़ रुपए की वसूली सिर्फ इंश्योरेंस के नाम कर ली लेकिन क्लेम एक भी यात्री को नहीं मिला है। 5 साल में कैब और बाइक से 10 लोग दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। 05 ड्राइवरों की मौत भी हो चुकी है।

हर दिन 2 हजार वाहन सड़क पर और वसूली 24 हजार रुपए से अधिक
राजधानी में ओला-उबर सहित अन्य कैब कंपनियों के 2 हजार वाहन हैं। एक कैब प्रतिदिन 6 ट्रिप करती है। प्रति ट्रिप कंपनियां 2 से 10 रुपए इंश्योरेंस के वसूलती हैं। एक दिन में 24 हजार तक की वसूली हो रही है। इस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो यह रकम 86 लाख रुपए से अधिक की बनती है। 5 साल में कंपनियों ने 4.32 करोड़ रुपए वसूल चुकी हैं। इंश्योरेंस चार्ज में कंपनी ड्राइवर का 10 लाख का और यात्री का 15 लाख का एक्सीडेंटल बीमा कराने का दावा करती है। जबकि हकीकत यह है कि तमाम दावों के बीच किसी भी चालक को कोई क्लेम नहीं मिल रहा है।

दस दिन पहले बालाजी मोड़ पर टैक्सी बाइक ड्राइवर रविकिशन मीणा ट्रेलर की चपेट में आ गया था। दुर्घटना में रवि की मौत हो गई और यात्री घायल हो गया था, लेकिन अभी तक इन्होंने क्लेम नहीं किया। परिजनों ने बताया कि क्लेम के लिए आवेदन कर दिया है लेकिन कंपनी ने क्लेम दिलाने से इनकार कर रही है जबकि रवि की मौत ड्यूटी के दौरान हुई थी।

हर दिन कैंसिलेशन चार्ज के नाम पर 64 हजार रुपए की वसूली हो रही है
कैब कंपनियों का जितना किराया नहीं होता उससे ज्यादा तो कैंसिलेशन, बुकिंग, इंश्योरेंस के नाम से वसूली होती है। राइड कैंसिल करने पर कंपनी यात्री से 32 से 40 रुपए कैंसिलेशन चार्ज ले रही हैं। शहर में हर दिन 2 हजार में से 1900 कैब संचालित हैं। प्रतिदिन एक कैब एवरेज 6 राइड करती हैं। दाे दिन में 12 में से एक राइड कैंसिल हाेती है। प्रति राइड 40 रुपए तक कैंसिलेशन चार्ज वसूला जा रहा है। इस हिसाब से प्रतिदिन कैंसिलेशन के नाम से कंपनियां हर दिन करीब 30 हजार रुपए यात्रियों से ले रही है। वसूली जाने वाला चार्ज कैब ड्राइवर की अपेक्षा कंपनी के खाते में जा रहा है। कैब बुक कराने के बाद नियत स्थान पर कैब पहुंच जाती है और यात्री पांच मिनट में नहीं आता है तो राइड ऑटोमेटिक कैंसिल हो जाती है। इसके अलावा भी यात्री राइड कैंसिल कर देते हैं तो भी राशि वसूली जा रही है। लेकिन ड्राइवर अगर राइड कैंसिल कर देता है तो यात्री को इस दिशा में कोई शुल्क नहीं दिया जाता है।

35 रु. बुकिंग चार्ज भी
कंपनियां बुकिंग चार्ज ले रही हैं, यह 10 से 35 रु. तक होता है।

कंपनी यह वसूली है चार्ज

  • इंश्योरेंस चार्ज 2 से 10 रु.
  • कैंसिलेशन 35 से 40 रु.
  • बुकिंग चार्ज 32 से 35 रु.

यात्री से अगर इंश्योरेंस की राशि वसूली गई है और दुर्घटना में यात्री घायल होता है या फिर उसती मौत होती है तो कंपनी की ओर से क्लेम दिया जाता है। आवेदन ऑनलाइन एप पर या फिर ऑफिस में कर सकते हैं।-मोहित भट्ट, मैनेजर, ओला