ACB ने एक साल में 410 भ्रष्टाचारी किए ट्रैप:IAS-IPS से लेकर SDM तक पकड़े गए,  करप्शन एक्ट में 470 केस दर्ज हुए

जयपुर9 महीने पहले
प्रतीकात्मक फोटो।

राजस्थान में भ्रष्टाचार लगातार अपनी जड़े फैलाता जा रहा है। भ्रष्टाचार फैलाने वाले लोगों के खिलाफ राजस्थान एसीबी लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दे रही है। 2021 में एसीबी ने सबसे ज्यादा कार्रवाई की। साथ ही कई बड़े अधिकारियों को ट्रैप किया। ट्रैप की कार्रवाई से अलग राजस्थान में एसीबी की 51 चौकियों ने 51 गांवों को गोद लिया।

एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने बताया कि 2021 कार्रवाई की दृष्टिकोण से राजस्थान एसीबी के लिए एक सफल साल रहा है। राजस्थान एसीबी ने उन सरकारी विभागों में भी कार्रवाई करते हुए भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसके साथ ही राजस्थान एसीबी ने पूरे प्रदेश में अपने हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार प्रसार किया। बड़ी संख्या में एसीबी को प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिकायतें प्राप्त होने लगी। हर शिकायत के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। भ्रष्टाचार किन-किन विभागों में फैला हुआ है, इसका इनपुट एसीबी के हाथ लगा। इसके बाद एसीबी ने अपनी विजिलेंस विंग को काम पर लगाया। कार्रवाई करते हुए रिश्वत देने वाले और लेने वाले दोनों तरह के लोगों को भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर गिरफ्तार किया।

एसीबी ने 2021 में 470 केस दर्ज किए हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार में लिप्त 410 अधिकारी व कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के 24 मामलों और पद के दुरुपयोग के 32 मामले दर्ज किए हैं। इसके साथ ही दर्ज मामलों के निस्तारण में भी वर्ष 2021 एसीबी के लिए एक बेहतरीन साल रहा है। जिसमें तकरीबन 600 दर्ज मामलों का निस्तारण करते हुए न्यायालय में चालान व एफआर पेश की गई है। इसके साथ ही लंबे समय से पेंडिंग चल रहे परिवाद व प्राथमिक जांच को भी पूरा किया गया है।वर्तमान में जो प्रकरण पेंडिंग चल रहे हैं उन्हें भी जनवरी 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा।

सरकार से मिले बजट से और मजबूत हुई एसीबी की टीम

डीजी एसीबी बीएल सोनी ने बताया कि सरकार की तरफ से जो बजट एसीबी को दिया गया। उससे एसीबी ने रिवाल्विंग फंड की शुरुआत की। इसके साथ ही प्रदेश में एसीबी की तमाम चौकी को सरकार से मिले बजट से अपडेट किया गया। साथ ही कई ऐसे उपकरण और टेक्निकल चीजें खरीदी गई। राजस्थान एसीबी पहले की तुलना में और भी मजबूत बनीं इसके साथ ही राजस्थान एसीबी को नई गाड़ियां मिली और कई टेक्निकल गैजेट मिले, जिससे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और भी प्रभावी तरीके से किया जाने लगा। वहीं राजस्थान एसीबी में लंबे समय से रिक्त चल रहे एडिशनल एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल के पदों पर बोर्ड गठित कर भर्ती की गई। वहीं वर्तमान में भी एडिशनल एसपी के कुछ पद रिक्त चल रहे हैं जिन्हें भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

वर्ष 2021 में एसीबी द्वारा की गई कुछ बड़ी कार्रवाई

  • आईएएस इंद्रसिंह राव को बारां जिला कलेक्टर रहते हुए पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के एवज में 1.40 लाख रुपए की रिश्वत मांगने पर गिरफ्तार किया गया।
  • आईपीएस मनीष अग्रवाल को दौसा एसपी रहते हुए राजस्थान में हाईवे निर्माण का काम करने वाली एक निजी कंपनी से 38 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • आरएएस पुष्कर मित्तल को एसडीएम दौसा और पिंकी मीणा को एसडीएम बांदीकुई के पद पर रहते हुए हाईवे निर्माण का काम करने वाली कंपनी से 5-5 लाख रुपए की रिश्वत राशि मांगे जाने पर गिरफ्तार किया गया।
  • आरएएस वीरेंद्र वर्मा को जेसीटीएसएल के ओएसडी के पद पर रहते हुए ट्रांसपोर्ट कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट शर्तों में छूट देने की एवज में 4 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
  • आरपीएस सपात खान को अलवर ग्रामीण डीएसपी के पद पर रहते हुए परिवादी के खिलाफ दर्ज 13 प्रकरणों में राहत देने की एवज में 3 लाख रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
  • आरपीएस भैरूलाल मीणा को सवाई माधोपुर एसीबी डीएसपी के पद पर रहते हुए परिवहन अधिकारी से 80 हजार रुपए के रिश्वत राशि लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
  • आरपीएस कैलाश बोहरा को जयपुर कमिश्नरेट में एसीपी वुमन क्राईम इन्वेस्टिगेशन यूनिट के पद पर रहते हुए 30 वर्षीय पीड़िता से रिश्वत के रूप में अस्मत की मांग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • आरएएस बीएल मेहरड़ा और आरएएस सुनील शर्मा को अजमेर रेवेन्यू बोर्ड के मेंबर के पद पर रहते हुए रेवेन्यू बोर्ड में आए प्रकरण के फैसले बदलने की आवाज में दलाल के जरिए मोटी राशि लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरएएस अधिकारियों के घर से 80 लाख रुपए की राशि बरामद की गई।
  • ग्रेटर नगर निगम जयपुर की मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर को बीदीजी कंपनी के बकाया बिल पास कराने के एवज में 20 करोड़ रुपयों की मांग किए जाने पर गिरफ्तार किया गया।
  • एसीबी ने ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अलवर अस्पताल में नर्सिंग व अन्य कर्मियों की संविदा भर्ती घोटाले का पर्दाफाश किया। एसीबी ने संविदा कर्मियों की भर्ती करने वाली एमजे सोलंकी कंपनी के फील्ड इंचार्ज भरत पुनिया, सुपरवाइजर कानाराम चौधरी, पार्टनर मंडल पटेल व सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महिपाल यादव को 20 लाख रुपए की रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार किया।
  • राजस्थान के लेबर कमिश्नर प्रतीक झाझडिया को 3 लाख रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए दलाल अमित शर्मा और राजस्थान आर्थिक सलाहकार परिषद के विशेष अधिकारी रवि मीणा के साथ गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत राशि मासिक बंदी के रूप में ली गई थी जो राज्य में संचालित फैक्ट्रियों में इंस्पेक्टर मॉनिटरिंग को कंट्रोल करने की एवज में ली गई।
  • राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम में चल रहे भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए एसीबी ने 5 लाख रुपए की घूस लेते हुए आरएसएलडीसी के मैनेजर राहुल व कोर्डिनेटर अशोक सांगवान को गिरफ्तार किया। इस पूरे प्रकरण में आईएएस नीरज के पवन और प्रदीप गावंडे की भूमिका संदिग्ध होने के चलते उनके खिलाफ भी जांच की गई और एसीबी मुख्यालय बुलाकर पूछताछ की गई।
  • बीवीजी कंपनी के सहायक प्रबंधक राहुल गोडसे को परिवादी लालडूंगरी कचरा संग्रहण केंद्र से कचरे में से रीसाइकिलेबल और वैल्युएबल वस्तुओं को चुनने की एवज में 1 लाख रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
  • इनकम टैक्स विभाग के जेईएन पंकज चौधरी और जेईएन डीपी मीणा को परिवादी की प्रॉपर्टी का वैल्यूएशन कागजों में कम दिखाने की एवज में 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
  • सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स के इंस्पेक्टर अमन फोगाट को - परिवादी से एनडीपीएस के झूठे प्रकरण में आरोपी नहीं बनाने की एवज में 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
  • राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर के जूनियर अकाउंटेंट सज्जन सिंह गुर्जर को परिवादी से प्रशासनिक सेवा के इंटरव्यू में सलेक्शन कराने की एवज में 23 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
  • बाड़मेर जिले की धोरीमना पंचायत समिति के असिस्टेंट इंजीनियर सोहनलाल सुथार को परिवादी की धरोहर राशि वापस देने की एवज में 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
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