बेखौफ मिलावटखोर:1 माह में जहरीले खाने के 5 हादसे, हर तीसरा सैंपल मिलावटी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: डूंगरसिंह राजपुरोहित
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दौसा, बीकानेर, पाली में 800 बाराती विषाक्त भोजन से हुए बीमार - Dainik Bhaskar
दौसा, बीकानेर, पाली में 800 बाराती विषाक्त भोजन से हुए बीमार

राजस्थान में मिलावटखोरी जोरों पर हैैं। अमानक खाद्य सामग्री से पिछले एक माह में ही 5 बड़े हादसे हो चुके। दौसा में तो पूरी बारात के 75 बच्चे महिलाएं और बुजुर्ग बाराती ही जहरीले भोजन या आइसक्रीम से बेहोश हो गए थे। हर तीसरा सैंपल मिलावटी या अमानक पाया जा रहा है। इसके बाद 31 मार्च तक 3 माह का अभियान चलाकर इतिश्री कर ली गई। पिछले 2 माह में चीफ सेक्रेटरी स्तर की 2-3 बैठकें हो चुकी। लेकिन मुख्य सचिव भी कभी प्रभावी कार्रवाई और कभी मिशन कोड में काम करने का कहकर अफसरों को लौटा देती हैं। नतीजा यह हो रहा है कि इस गर्मी में अमानक भोजन और खाद्य सामग्री का बोलबाला है। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के 91 दिन में 5600 सैंपल लिए गए थे, जिनमें करीब 1800 अमानक पाए गए थे।

तीन साल के 23 हजार प्रकरणों में 25% नकली पाए गए
प्रदेश में जनवरी 2019 से जनवरी, 2022 तक 22 हजार 783 नमूने लिए गए, जिनमें से कुल 4 हजार 631 नमूने मिलावटी पाए गए। स्वयं स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल की एक रिपोर्ट के अनुसार मिलावटी प्रकरणों में से 2 हजार 733 प्रकरणों में न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरणों में से 935 प्रकरणों को निर्णित कर 1 करोड़ 82 लाख 91 हजार 995 रुपए से दण्डित किया।

शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के ढाई माह की एक रिपोर्ट-30% अमानक
1 जनवरी 2022 से 10 मार्च 2022 तक शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के अन्तर्गत राज्य में कुल 4,982 खाद्य पदार्थों के जांच नमूने लिए गए। 4935 नमूने जांच के लिए जनस्वास्थ्य प्रयोगशालाओं में भेजे। 3,766 नमूनों की जांच में से 1,088 अमानक पाए। यह कुल का 30% हैं।

और सीएस का कदम-सिर्फ मीटिंग
मुख्य सचिव उषा शर्मा ने 2 माह में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान पर 2 बैठक की। बुधवार को अधिकारियों को सिर्फ मिशन मोड में काम करने का कह कर लौटा दिया। अधिकारियों को कहा कि अभियान को कुछ माह के बजाए स्थायी प्रकिया के तौर पर अपनाना चाहिए।

ये घटनाएं बानगी भर हैं... हर सप्ताह एक केस तो हो ही रहा है

  • 8 अप्रैल : दौसा के नांगल के सरकारी स्कूल में मिड डे मील की खिचड़ी खाने से 22 बच्चे बीमार हो गए।
  • 11 मई : दौसा के नामोलाव गांव में विवाह समारोह में फूड पॉइजनिंग से 169 बीमार पड़ गए।
  • 9 मई : पाली के सोजत रोड धुंधाला गांव में बारात में फूड पॉइजनिंग से 300 बीमार।
  • 12 मई : बीकानेर के लूणकरणसर बडेरण गांव में रायता पीने से 300 बाराती बीमार।
  • मार्च में पाली के शिवपुरा मोडावास में जहरीला पानी पीने से 1 की मौत, कई बीमार।
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