डेंगू का नया वैरिएंट:एसएमएस में 620 रोगियों में से 50 की माैत, प्रदेश में दो साल बाद डेंगू रोगी 13 हजार के पार

जयपुर2 महीने पहले
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प्रदेश में डेंगू बेकाबू हाे चला है। यहां मरीजाें का आंकड़ा 13 हजार के पार पहुंच गया है। - Dainik Bhaskar
प्रदेश में डेंगू बेकाबू हाे चला है। यहां मरीजाें का आंकड़ा 13 हजार के पार पहुंच गया है।

प्रदेश में डेंगू बेकाबू हाे चला है। यहां मरीजाें का आंकड़ा 13 हजार के पार पहुंच गया है। यही रफ्तार रही ताे कुछ दिन में डेंगू मरीज दो साल का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। इससे पहले 2019 में सबसे ज्यादा 13706 रोगी मिले थे, इस साल का आंकड़ा 13007 पहुंच चुका है। मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

चिकित्सा विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में 30 मौतें हुई हैं, लेकिन सच यह है कि एसएमएस अस्पताल में ही डेंगू से अब तक 620 में से 50 मरीजों की मौत हो चुकी है। मौजूदा स्थिति में अस्पताल में कुछ मरीज भर्ती होने के 24 से 72 घंटे के अंदर ही दम ताेड़ दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार डेंगू का नया वैरिएंट डेनवी-2 और डेनवी-3 के कारण एडीज एजिप्टाई मच्छर बेकाबू और लोगों की जान ले रहा है।

केंद्रीय टीम कर सकती है दौरा
केंद्र ने राजस्थान समेत दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत 9 राज्यों को पत्र लिखा है। अब तकनीकी मार्गदर्शन के लिए नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोगाम की टीम जयपुर आ सकती है। जो सरकार के आला अधिकारियों से वार्ता करेगी।

नए वैरिएंट में लिवर-किडनी फेल्योर का खतरा, इसलिए मौतें भी अधिक
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी, मेडिसन के डॉ. रमन शर्मा व डॉ. अजीत सिंह का कहना है कि एक ही कम्यूनिटी में दो तरह के डेंगू वायरस ज्यादा फैलने के साथ गंभीर हो सकते हैं। डेनवी-2 व डेनवी-3 के कारण मौत का खतरा अधिक है। चारों सीरोटाइप अलग-अलग तरह से एंटीबॉडी को प्रभावित करते हैं।

नया वैरिएंट खतरा

  • लिवर फेल्याेर
  • किडनी फेल्योर
  • दिमाग में संक्रमण
  • बीपी बढ़ना
  • गंभीर स्थिति में मौत भी हो सकती है​​​​​​
ये सरकारी आंकड़े हैं। मौतों के आंकड़े इससे कई अधिक हैं।
ये सरकारी आंकड़े हैं। मौतों के आंकड़े इससे कई अधिक हैं।