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रोडवेज मुख्यालय से सिर्फ 40 फीट दूर वसूली:ड्यूटी न करने वाले कंडक्टरों से 5000 रु. तक बंधी तय थी, चीफ मैनेजर 7 माह से काट रहा था भ्रष्टाचार का टिकट

जयपुर7 दिन पहले
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कंडक्टरों का कहना है चीफ मैनेजर का बंधी का अलग-अलग रेट फिक्स है।  - Dainik Bhaskar
कंडक्टरों का कहना है चीफ मैनेजर का बंधी का अलग-अलग रेट फिक्स है। 

रोडवेज मुख्यालय से जयपुर डिपो महज 40 फीट दूरी पर स्थित है। मुख्यालय में जोनल मैनेजर से लेकर रोडवेज सीएमडी तक बैठते हैं। दोनों ऑफिसों की दीवारों के बीच में सिर्फ एक सड़क का अंतर है लेकिन अफसरों को घूसकांड की भनक तक नहीं लगी।

जयपुर डिपो का चीफ मैनेजर शिव कुमार शर्मा 7 महीने से कंडक्टरों से रूट पर लगाने और नहीं लगाने के लिए वसूली कर रहा था। हैरानी की बात यह कि शिव कुमार शर्मा रूट पर लगने वाले कंडक्टरों से 2000 और ड्यूटी नहीं करनेे वालों से 5000 की मासिक बंधी लेता था। कंडक्टरों का कहना है चीफ मैनेजर का बंधी का अलग-अलग रेट फिक्स है।

उनका कहना है कि जिन कंडक्टरों का नौकरी के अलावा दूसरा बिजनेस है और फिर जो कोरोना के डर की वजह से ड्यूटी नहीं करना चाहते हैं, वे सुबह आते और उपस्थिति दर्ज करके चले जाते थे।

पूरे दिन बिजनेस संभालते थे और शाम को वापस आ जाते थे। ऐसे लोगों के लिए रेट अधिक था। दूसरी ओर, जयपुर डिपो में अधिकतर बसें लंबी दूरी पर चलती हैं, इस डिपो से एक्सप्रेस बसों का संचालन होता है। प्रदेश के सबसे बड़े जयपुर डिपो से चंडीगढ़, लखनऊ, लुधियाना, जालंधर, देहरादून, हरिद्वार और अहमदाबाद, भोपाल, उदयपुर तथा आगरा, जोधपुर की बसों में ड्यूटी को लेकर मारामारी रहती थी।

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