ऑनलाइन पढ़ाई रास आई:55.9% अभिभावक चाहते हैं बच्चों को पढ़ाई का विकल्प मिले, 44.8% की राय- परीक्षा ऑनलाइन ही हो

जयपुर8 महीने पहलेलेखक: विनोद मित्तल
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जयपुर के 55.9% अभिभावक चाहते हैं कि पढ़ाई दोनों तरह से चले। - Dainik Bhaskar
जयपुर के 55.9% अभिभावक चाहते हैं कि पढ़ाई दोनों तरह से चले।

कोरोना काबू में आने पर सरकार ने स्कूल भले ही खोल दिए लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम ही है। निजी स्कूल हों या सरकारी, बच्चों को स्कूल भेजने से अभिभावक अब भी बच रहे हैं। बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई रास आ रही है। जयपुर के 55.9% अभिभावक चाहते हैं कि पढ़ाई दोनों तरह से चले। 40.8% अभिभावक चाहते हैं कि परीक्षाएं ऑनलाइन ही हों।

मात्र 00.30% अभिभावक चाहते हैं कि स्कूल पूर्ववत सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक चलें। जबकि 73.5% की राय है कि स्कूल 4 घंटे से भी कम समय चले। स्कूल खोलने के बावजूद कक्षाओं में उपस्थिति कम रहने पर जयपुर के एक प्रतिष्ठित स्कूल ने सर्वे कराया तो अभिभावकों की यह राय सामने आई। सर्वे में 2 हजार अभिभावकों को शामिल किया गया।

इसलिए हिचक रहे अभिभावक: लाने-ले जाने की परेशानी, मौसमी रोगों का प्रकोप

1 ट्रांसपोर्टेशन: बड़ी परेशानी ट्रांसपोर्टेशन की है। एक दिन छोड़कर एक दिन स्कूल ले जाने के लिए कोई ऑटो चालक तैयार नहीं होता। पूरे महीने का पैसा मांगता है।

2 डेंगू-वायरल: कोरोना काबू में है लेकिन घर-घर वायरल बुखार और डेंगू का प्रकोप है।

3 छुटि्टयाें के दिन: अक्टूबर में अवकाश अधिक हैं। कई परिवारों ने बाहर जाने का कार्यक्रम बना रखा है। ऐसे अभिभावक चाहते हैं, ऑनलाइन कक्षाएं हों ताकि जहां भी जाएं, बच्चे पढ़ सकें।

4 फर्स्ट टर्म एग्जाम: सीबीएसई के दसवीं-बारहवीं के फर्स्ट टर्म एग्जाम 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक होने हैं। इसलिए बच्चे घर पर ही पढ़ाई करना चाहते हैं। फिर मार्च में सेकंड टर्म एग्जाम आ जाएंगे।

5 यूनिफार्म: नियमित स्कूल भेजें तो तीन-चार महीने के लिए स्कूल यूनिफार्म और सर्दी की ड्रेस खरीदनी पड़ेगी। अभिभावक अभी यह खर्च करना नहीं चाहते।

सर्वे में पूछे गए सवाल और अभिभावकों के जवाब-

एक दिन में कितनी कक्षाएं लगनी चाहिए?
4 से 5 कक्षाएं60.5%
5 से अधिक10.9%
4 से कम28.6%

स्कूल कितने समय तक चलना चाहिए?
4 घंटे या इससे कम73.5%
5 घंटे या इससे अधिक26.2%
सुबह 9 से 1 तक00.30%

क्या स्कूल में नियमित कक्षाएं प्रारंभ कर दी जाएं?
रोजाना43.4%
1 दिन छोड़कर 1 दिन35.7%
एक सप्ताह छोड़कर एक सप्ताह – 20.9 प्रतिशत

स्कूल में पढ़ाई ऑनलाइन हो या ऑफलाइन?
केवल ऑनलाइन20.8%
केवल ऑफलाइन23.3%
दोनों तरह से55.9%

स्कूल में परीक्षा किस तरह
ली जानी चाहिए?
ऑफलाइन59.2%
ऑनलाइन40.8%
नहीं ली जाए 00.00%

परिवार में कितने लोगों को वैक्सीन लग चुकी है?
सभी को दोनों डोज83.5%
सभी को एक डोज7%
एक भी डोज नहीं9.5%

सीमा में बांधा, इसलिए संशय

सरकार ने स्कूल खोल तो दिए लेकिन 50% तक की सीमा तय कर रखी है। इससे अभिभावकों व स्कूल संचालकों में असमंजस रहता है। सरकार स्कूलों को पूरी क्षमता के साथ खोले। -दामोदरप्रसाद गोयल, अध्यक्ष, सोसायटी ऑफ अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स ऑफ राजस्थान

स्कूल आने पर ही बच्चों का बच्चे का सर्वांगीण विकास संभव है। स्कूल में पढ़ाई के साथ बच्चे अनुशासन, समय प्रबंधन भी सीखते हैं। -महेंद्र दुचानिया, शिक्षाविद, स्वेज फार्म

कोरोना नियंत्रण में है लेकिन अन्य बीमारियों का प्रकोप है। अभिभावक सावधानी बरत रहे हैं। एक दिन छोड़कर एक दिन स्कूल भेजने में अभिभावकों के सामने सबसे बड़ा संकट ट्रांसपोर्टेशन का है। इसकी व्यवस्था नहीं हो पाती। - दिनेश कांवट, संयोजक, पेरेंट्स वेलफेयर सोसायटी

लंबे समय से घर पर रहने से बच्चों को अब ऑनलाइन पढ़ाई रास आने लगी है। सरकार ने अभी पूरी क्षमता के साथ स्कूल खोलने की अनुमति नहीं दी है इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प को काम में लिया जा रहा है। - संजीव सिंघल, शिक्षाविद व प्रिंसिपल

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