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15 साल बाद फिर होगा सर्वे:यूडी टैक्स के दायरे में 6 लाख संपत्तियां, 1.34 लाख संपत्तियों का फिर से होगा असेसमेंट

जयपुर8 महीने पहले
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  • निगम की सफाई प्राइवेट कंपनी को वसूली का फायदा अगले साल होगा

ग्रेटर और हेरिटेज नगर निगम में यूडी टैक्स वसूली का जिम्मा एक प्राइवेट कंपनी को दिए जाने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अफसरों ने सफाई दी है कि इसका फायदा अगले साल देखने को मिलेगा। फिलहाल 80 करोड़ रुपए की वसूली का ठेका दिया गया है, जिसकी एवज में कंपनी को प्रतिशत राश के हिसाब से 8 करोड़ रुपए दिए जाने का प्रावधान किया है।

उधर, निगम ने 15 साल बाद एक बार फिर से उन संपत्तियों का सर्वे करने की बात कही है। ताकि, यूडी टैक्स वसूली के दायरे को बढ़ाया जा सके। यह संपत्तियां 6 लाख तक हो सकती है। यही नहीं, 2005 में जिन 1.34 लाख संपत्तियों को यूडी टैक्स के दायरे में लाया गया था उनका भी सर्वे करवाया जाएगा। इससे भी यूडी टैक्स से निगम का रेवेन्यू बढ़ने की पूरी उम्मीद है। क्योंकि, 15 साल में कई संपत्तियों का नक्शा ही अब बदल गया है।

विरोध के बीच कोर्ट तक पहुंचा मामला
नगर निगम द्वारा यूडी टैक्स वसूली का टैंडर स्पैरो सोफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। कंपनी व निगम के बीच में हुए शर्तों से अधिकतर नगर निगम के राजस्व अधिकारी विरोध में है। अफसर-कर्मचारियों ने दिए गए टैंडर की कार्रवाई को गलत बताकर शिकायत भी की थी। लेकिन जब निगम में कंपनी ने काम शुरू कर दिया तो अब मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। निगम को नोटिस भी जारी हो चुके है।

निगम को काफी फायदा होगा
कंपनी को टैंडर देने से कई फायदे होंगे। कंपनी के ही प्रतिनिधि मौके पर जाएंगे। नोटिस देंगे और वसूली करेंगे। कंपनी द्वारा छह लाख संपत्तियों का सर्वे किया जाएगा और यूडी टैक्स के दायरे में शामिल किया जाएगा। इससे पहले जिन संपत्तियों का सर्वे हो रखा है, उनको भी फिर से असेसमेंट होगा।

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