राजस्थान में 60 हजार पदों पर होंगी भर्तियां:कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर, ग्रेड सेकेंड समेत 8 कैडर की वैकेंसी निकाली जाएगी, सीएम ने की घोषणा

जयपुर7 महीने पहले

राजस्थान सरकार दिवाली बाद प्रदेश में बंपर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। यह घोषणा सीएम अशोक गहलोत ने देर रात की। इसके तहत अगले कुछ दिनों में शिक्षा विभाग में 60 हजार से ज्यादा पदों के लिए भर्ती होगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की बैठक में नई भर्ती प्रक्रिया पर मुहर लग गई है। अब प्रदेश में अध्यापक के 31 हजार पदों के साथ ही कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर, ग्रेड सेकेंड शिक्षक, प्रयोगशाला सहायक समेत 8 कैडर के करीब 60 हजार पदों पर भर्ती कार्यक्रम जारी करने की तैयारी की जा रही है।

दरअसल, राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने शिक्षा विभाग में करीब 60 हजार नई भर्तियों का वादा किया था। इनमें से 31 हजार ग्रेड थर्ड शिक्षकों के पदों पर 26 सितंबर को परीक्षा का आयोजन हो चुका है। वहीं अब सरकार की ओर से करीब 29 हजार पदों के लिए नया खाका तैयार किया गया है। इसके साथ ही कोर्ट में चल रहे विवादास्पद मामलों पर भी सरकार अब बेरोजगारों का पक्ष रखने की तैयारी कर रही है।

अदालत में अटकी भर्तियों को भी सरकार ने पैरवी कर जल्द पूरा करने की तैयारी की है। लंबित चल रही शिक्षा विभाग की करीब 5 हजार पदों की भर्तियों को निस्तारित करवाते हुए अधिकतर पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। अब 637 शारीरिक शिक्षक और वरिष्ठ अध्यापकों को भी जल्द ही नौकरी दी जाएगी। ऐसे में सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं को आने वाले वक्त में बड़ी राहत मिल सकती है।

सरकार हर वादे को पूरा करेगी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने जनता से किए गए वादे के अनुरूप काम किया है। इसके तहत शिक्षा विभाग ने 31 हजार शिक्षकों के पद पर जहां हाल ही में भर्ती परीक्षा का आयोजन किया था। वहीं अब अगले कुछ दिनों में ही शिक्षा विभाग में लगभग 29 हजार पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ताकि प्रदेश के युवाओं को राजस्थान में ही रोजगार मुहैया हो सके।

बेरोजगारों के संघर्ष की जीत
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि प्रदेश के युवा पिछले लंबे समय से आंदोलनरत हैं। ऐसे में सरकार को लंबित भर्ती परीक्षाओं को जल्द से जल्द पूरा कर बेरोजगारों को नियुक्तियां देनी चाहिए। इसके साथ ही भर्ती परीक्षा को पारदर्शिता के साथ कराने के साथ ही परीक्षा में धांधली करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ताकि भविष्य में कोई भी परीक्षा में धांधली करने से पहले 1 हजार बार सोचें।

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