एसएमएस में 800 से अधिक जीनाेम सीक्वेंसिंग:80%में डेल्टा वेरिएंट ही; डा. भंडारी ने कहा - ओमिक्राॅन डेल्टा के मुकाबले 10 गुना खतरनाक, सतर्कता ही बचाव

जयपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण अफ्रीका में नए वायरस ओमिक्रान की पुष्टि की है, काेविड वायरस का यह वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले 8-10 गुना रफ्तार से फैलता है। - Dainik Bhaskar
डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण अफ्रीका में नए वायरस ओमिक्रान की पुष्टि की है, काेविड वायरस का यह वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले 8-10 गुना रफ्तार से फैलता है।

काेविड के नए वेरिएंट ओमिक्रान से पूरी दुनिया डरी हुई है। विशेषज्ञाें का मानना है यह वेरिएंट काेविड के पुराने वेरिएंटों के मुकाबले कई गुना तेजी से फैलता है। हालांकि राजस्थान में अभी ओमिक्रान का एक भी मामला नहीं आया है। यदि लापरवाही से इस वैरिएंट का संक्रमण फैला तो हालात बिगड़ खतरनाक होंगे। नए वेरिएंट काे लेकर एसएमएस मेडिकल काॅलेज प्रिंसीपल सुधीर भंडारी ने कहना है एसएमएस में 800 से अधिक जीनाेम सीक्वेंसिंग हुई है और 80 फीसदी मरीजाें में डेल्टा वेरिएंट ही मिला।

नया वेरिएंट काेविड वायरस में म्यूटेशन से बना है। डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण अफ्रीका में नए वायरस ओमिक्रान की पुष्टि की है, काेविड वायरस का यह वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले 8-10 गुना रफ्तार से फैलता है। अफ्रीका में इस वेरिएंट के मिलने का सबसे बड़ा कारण यह है कि वहां 7% आबादी काे ही वैक्सीन लग पाई है।

किसी भी संक्रामक बीमारी के दाैरान वायरस इंसानी इम्यून से सिस्टम से लड़ने की क्षमता पैदा कर लेता है तब नए वेरिएंट के रूप में फैलता है। डबल डाेज के बाद भी संक्रमण की संभावना ताे है लेकिन बूस्टर डाेज लगवाने से संक्रमण कमजाेर हो सकता है। डाॅ. भंडारी ने बताया कि आरटीपीसीआर से काेविड के सभी वेरिएंट का पता लगाया जा सकता है चूंकि इस नए वैरिएंट के लक्षण सामने नहीं है, ऐसे में हमें अधिक सावधानी रखनी हाेगी।

खबरें और भी हैं...