प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा:वेंटिलेटर पर गए 95% मरीजों का मरना चिंताजनक

जयपुर5 महीने पहले
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प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़। - Dainik Bhaskar
प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़।

भाजपा के प्रतिपक्ष के उपनेता और पूर्व चिकित्सा मंत्री रहे राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कटघरे में खड़ा किया है। राठौड़ ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र के जरिए सरकार का ध्यान प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में वेंटिलेटर पर मारे गए कोरोना संक्रमित मरीजों की तरफ दिलाया है।

राठौड़ के अनुसार वेंटीलेटर पर रखे मरीजों को मिलने वाले समुचित इलाज की स्थिति चिंतनीय बनी हुई है तथा वेंटिलेटर पर गए 95% मरीजों का काल कवलित होना चिंता का विषय बना हुआ है। राठौड़ ने लिखा कि प्रदेश की राजधानी जयपुर में स्थित राज्य के सबसे बड़े कोविड अस्पताल आरयूएचएस में 20 दिनों के भीतर 442 मरीजों यानि प्रत्येक दिन अस्पताल में 20 लोगों की मृत्यु होना, यह तो एक बानगी भर है।

अगर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय की सटीक वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए जांच की जाएं तो लगभग सभी चिकित्सालयों में वेंटिलेटर पर गए अधिकांश रोगी काल के ग्रास बने हैं। इसका मुख्य कारण चिकित्सा विभाग के अमले का वेंटिलेटर पर भर्ती गंभीर मरीजों की उचित देखभाल में लापरवाही बरतने, एन्डोट्रेकियल ट्यूब की दिन में 5-6 बार सफाई नहीं होने से फैलने वाला इंफेक्शन है। अगर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सजग रहता कुछ की जिंदगी बचाई जा सकती थी।

विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ लगाएं
राठौड़ ने लिखा कि प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल आरयूएचएस सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में सघन चिकित्सा इकाई में 24 घंटे मरीजों की उचित देखभाल के लिए 3 शैय्याओं पर एक डेडिकेटेड नर्सिंगकर्मी तथा प्रत्येक 10 बेड पर एक विशेषज्ञ चिकित्सक और वेंटिलेटर व तकनीकी योग्यताधारी कर्मी को पदस्थापित किया जाएं।

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