मनी लॉन्ड्रिंग का झांसा देकर की थी ठगी:200 करोड़ की धोखाधड़ी का फरार आरोपी गिरफ्तार, 20 थानों में मामले दर्ज हैं

जयपुर14 दिन पहले
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अरुण अग्रवाल। - Dainik Bhaskar
अरुण अग्रवाल।

डीएसटी व मानसरोवर थाना पुलिस की टीम ने सोमवार को 200 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर फरार हुआ वैभव एंटरप्राइजेज कम्पनी के निदेशक अरुण अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। इसके खिलाफ जयपुर के मानसरोवर, श्यामनगर, चित्रकूट थाने में कुल 20 प्रकरण दर्ज हैं। यह दो साल पहले फरार हुआ था और इस पर तीन हजार रुपए का इनाम घोषित था। अरुण अग्रवाल ने एक संगठित गिरोह के माध्यम से लोगो को दवाइयों का व्यवसाय, प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट, मनी लॉन्ड्रिंग का झांसा देकर ठगी की थी।

पुलिस उपायुक्त दक्षिण मृदुल कच्छावा ने बताया कि अरुण अग्रवाल ने वैभव इन्टर-प्राइज के नाम से एक कम्पनी खोली थी जो दवाइयों का व्यवसाय, प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेन्ट, मनी लॉन्ड्रिंग के काम में अच्छा मुनाफा दिलाने की बात कहकर लोगो को झांसा देकर इन्वेस्टमेंट करवाते थे। अभियुक्त अरुण अग्रवाल ने अपने उक्त कार्य के लिए वैभव एंटरप्राइज कंपनी के जयपुर शहर में कई जगह ऑफिस संचालित कर लिए, जहां लोगों से अपनी कम्पनी में निवेश करवाया और अचानक दो साल पहले कंपनी बंद कर फरार हो गया।

24 फीसदी सालाना मुनाफे का लालच देकर इन्वेस्टमेंट के लिए फांसता था
इस संबंध में फरवरी 2020 में परिवादी वासुदेव शर्मा निवासी गणेश नगर इस्कॉन रोड मुहाना ने रिपोर्ट दी कि वैभव इन्टर-प्राइज कम्पनी के निदेशक अरुण अग्रवाल व उसके साथी अमित गौतम व अन्य ने मिलकर उक्त कंपनी के बारे में बढ़ाचढ़ाकर बातें बताई थी। परिवादी से 24 प्रतिशत सालाना मुनाफा देने का झांसा देकर उससे 23 लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट करवा लिया लेकिन तय समय में ना तो मूल धन लौटाया और ना ही ब्याज (मुनाफा) दिया। इस तरह उर्मिला निवासी उत्तम नगर नई दिल्ली ने भी अरुण अग्रवाल के खिलाफ 16 लाख रुपए हड़पने की रिपोर्ट दी। इन रिपोर्ट के बाद पुलिस टीम लगातार इन्हें तलाश रही थी। टीम ने पुख्ता सूचना पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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